तीस हजारी कोर्ट ने संपत्ति विवाद को लेकर भतीजी के आरोपों को झूठा पाते हुए पॉक्सो मामले से दोनों चाचा समेत चार को बरी कर दिया है। भतीजी ने इस मामले में अपनी चाची और बुआ को भी आरोपी बताया था। हालांकि, अब कोर्ट में भतीजी की तरफ से लगाए गए आरोप झूठे साबित हुए हैं।
किशोरी ने आरोप लगाया था कि दोनों चाचा ने उसके कपड़े उतारकर वीडियो बना लिया और उसे वायरल करने की धमकी दी थी। हालांकि, एफएसएल जांच में आरोपियों के मोबाइल से ऐसा कोई वीडियो नहीं मिला।
दोनों पक्षों में संपत्ति को लेकर हुए समझौते के बाद पीड़िता की मां भी कोर्ट में अपने बयान से मुकर गई। इसके बाद कोर्ट ने चार साल तक चली सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकील ने कहा कि ये पूरा मामला संपत्ति के विवाद और बदला लेने की नियत से जुड़ा है।
वकील ने कहा कि ये मामला कानून के प्रावधानों का दुरुपयोग करने के अलावा और कुछ नहीं है। इस मामले में लंबे समय से लंबित संपत्ति विवाद को निपटाने के लिए पॉक्सो के कड़े कड़े प्रावधानों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपियों के मोबाइल से न तो पीड़िता का अश्लील वीडियो मिला और न ही कोई दूसरा सबूत मिला, जो आरोपों को साबित कर सके।