इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शांतनु सेन का कहना है कि देश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए उपचार पूरी तरह निशुल्क है।
इसके बाद भी सरकार आयुष्मान भारत योजना के जरिए करीब 47 फीसदी अस्पतालों में ही उपचार लाभ लेने का दावा कर रही है। इस योजना के 53 फीसदी लाभार्थियों ने बीते एक वर्ष में निजी अस्पतालों में उपचार कराया है। ऐसे में आयुष्मान भारत निजी क्षेत्र के लिए बेहतर साबित हो रहा है, लेकिन सरकारी अस्पतालों को इससे कोई फायदा नहीं हो रहा।
रविवार को आईटीओ स्थित आईएमए मुख्यालय में डॉ. शांतनु सेन आयुष्मान भारत योजना का एक वर्ष पूरा होने पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा की। इस दौरान मांग रखी गई कि सरकार निजी क्षेत्र को फंड देना चाहती है तो सीधे तौर पर दे, लेकिन आयुष्मान भारत की आड़ लेकर खेल न करे।
उनका कहना है कि इस पूरी योजना ने छोटे और मध्य वर्गीय क्लीनिकों व अस्पतालों को किनारा कर दिया है। उन्होंने सरकार से योजना में सुधार की मांग करते हुए सरकारी अस्पतालों की दशा में ज्यादा सुधार करने की बात कही। उन्होंने मांग की है कि सरकार इस योजना के पुनर्निर्माण पर काम करे।