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Delhi: अवैध पार्किंग, अतिक्रमण व ई-रिक्शा थाम रहे झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र की गति, कारोबारियों ने रखी परेशानी

Fri, 22 Nov 2024 07:55 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

कारोबारियों का कहना है कि यहां सीवर, महिला सुरक्षा, साफ-सफाई समेत कई समस्याएं हैं। सीवर की समस्या से आए दिन लोगों को परेशानी होती है। वह इन मामलों को कई बार जिम्मेदार एजेंसी व विभागों के पास रख चुके हैं, लेकिन समस्याओं को नहीं दूर किया गया है।
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अमर उजाला संवाद कार्यक्रम के दौरान इलाके की समस्याएं बताते झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र के व्यापारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र में अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और ई-रिक्शा का बढ़ता दबाव यहां की गति को धीमा कर रहा है। आलम यह है कि शाम को स्ट्रीट लाइटें न जलने से पूरा इलाका घुप अंधेरे में छिप जाता है। ऐसे में आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। जिससे यहां के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह बातें बृहस्पतिवार को झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र के कारोबारियों ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में रखीं। कारोबारियों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र होने पर जो ग्रीन बेल्ट था, वह भी नष्ट हो चुका है। वहीं, बिजली की दरों में भी कटौती नहीं की जा रही है। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।

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कारोबारियों का कहना है कि यहां सीवर, महिला सुरक्षा, साफ-सफाई समेत कई समस्याएं हैं। सीवर की समस्या से आए दिन लोगों को परेशानी होती है। वह इन मामलों को कई बार जिम्मेदार एजेंसी व विभागों के पास रख चुके हैं, लेकिन समस्याओं को नहीं दूर किया गया है। उनका कहना है कि नेताओं ने कई वादे किए, लेकिन औद्योगिक क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं के अभाव से गुजर रहा है। झिलमिल इंडस्ट्रियलिस्ट एसोसिएशन का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में प्रवेश करते ही सड़कों पर जगह-जगह ट्रक व कंटेनर दिख जाते हैं। यह सड़कों पर ही सामान की लोडिंग-अनलोडिंग करते हैं। इससे यातायात बाधित रहता है।

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औद्योगिक क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध पार्किंग की सबसे बड़ी समस्या है। ई-रिक्शा से सड़कें पार्किंग में तब्दील हो गई हैं। यहां क्रेन जरूरत से ज्यादा हैं जिससे पूरा रास्ता रुक जाता है। इससे उद्यमी परेशान हैं। कई बार शिकायत कर चुके हैं।  -राकेश बंसल, उपाध्यक्ष, झिलमिल इंडस्ट्रियलिस्ट 

यहां रेहड़ी-पटरी वालों का कब्जा हो गया है। इन्होंने रास्ता भी बंद कर दिया है। ऐसे में शाम होते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। इससे महिला सुरक्षा को लेकर डर बना रहता है। -अनुराग जैन, कोषाध्यक्ष, झिलमिल इंडस्ट्रियलिस्ट एसोसिएशन
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एलजी से लेकर एसएचओ तक समस्याओं की शिकायत की है। मेट्रो के नीचे ग्रीन बेल्ट होता था, वह पूरा डीएमआरसी ने कॉमर्शियल कर दिया है। इससे हरित क्षेत्र खत्म हो गया है। औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर समस्या आ रही है। यहां आए दिन वारदातें होती हैं। सरकार व जिम्मेदारों को ध्यान देना चाहिए। -अनुज अग्रवाल, महासचिव, झिलमिल इंडस्ट्रियलिस्ट एसोसिएशन

ए और बी ब्लॉक में यातायात की भारी समस्या है। इसकी वजह अवैध रूप से ट्रक सड़कों पर खड़े रहन है। सर्विस सेंटर होने की वजह से समस्या और बढ़ रही है। समस्या का समाधान नहीं हुआ। -हरीश मनचंदा, संयुक्त सचिव, झिलमिल इंडस्ट्रियलिस्ट एसोसिएशन

यहां हमेशा सीवर ओवरफ्लो रहते हैं। इससे लोगों के साथ यहां के कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अवैध पार्किंग की वजह से कई बार उत्पादकता भी प्रभावित होती है। समस्याओं की ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है।  -संजय पुरी, सदस्य, झिलमिल इंडस्ट्रियलिस्ट एसोसिएशन
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