मामले की जांच कर रहे रेलवे के पुलिस अधिकारी का कहना है कि पकड़े गए अधिकतर शराब तस्कर दिल्ली और एनसीआर में मजदूरी करते थे। बिहार में शराब बंदी होने की वजह से ये मजदूर बिहार वापस जाने के दौरान अपने साथ शराब की बोतलें भी ले जाते थे, उसे वहां ऊंचे दाम में बेचते थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह हरियाणा के एनसीआर से सटे जिलों से कम दाम पर शराब खरीदकर पहले दिल्ली आते थे। फिर यहां से इसे लेकर बिहार जाते थे।
इन स्टेशनों से पकड़ते थे ट्रेन
आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि यह बिहार के लिए सदर बाजार, दिल्ली कैंट और सराय रोहिल्ला जैसे छोटे रेलवे स्टेशनों से ट्रेन पकड़ते थे। इन स्टेशनों पर पुलिस की मौजूदगी कम रहती है। ऐसे में वह अवैध शराब को लेकर ट्रेन में आसानी से सवार हो जाते थे। फिर ट्रेन पर सवार होकर दिल्ली के मुख्य स्टेशनों पर पहुंच जाते हैं। वहां से वह ट्रेन से बिहार चले जाते हैं।
इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
पिछले महीने 23 मार्च को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने बिहार के पटना निवासी आशीष, रविकांत, मिथलेश और मोहम्मद एजाज को शराब तस्करी में गिरफ्तार किया था। इनके बैग की तलाशी में पुलिस को 102 शराब की बोतलें मिली थीं। वहीं शनिवार को पुलिस ने दिल्ली कैंट स्टेशन से समस्तीपुर बिहार के रहने वाले अजीत दास को शराब की 10 बोतलों सहित गिरफ्तार किया।