कस्बे के लखपत चौक घनी आबादी के समीप कुछ दुकानदारों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर घरेलू गैस की रिफिलिंग बड़े पैमाने पर की जा रही है। जिस ढंग से अवैध गैस रिफिलिंग को अंजाम दिया जा रहा है वो किसी समय बड़े हादसे का सबब बन सकती है।
कानून के रखवाले सब कुछ जानते हुए आखें मूंदे बैठे है। प्रशासन की इस सुस्ती व अनदेखी की वजह से अवैध तौर पर रिफिलिंग करने वाले धंधेबाजों के हौंसले बुलंद है। वहीं कस्बेवासी इससे से खौफ जदा है।
कस्बे के लखपत चौक के समीप धनी आबादी है। यहां पर कुछ दुकानदार लंबे समय से खुलेआम अवैध तरीके से बड़े घरेलू गैस सिलेण्डरों से छोटे सिलेण्डरों में गैस रिफिलिंग को अंजाम दे रहे है।
होने वाली रिपफलिंग से आमजन की जिन्दगी बेहद खतरे में है। रिफिलिंग गैस का तरीका बेहद खतरनाक है। जिसमे 6 इंच लम्बे लोहे के एक पाइप बांसुरी के जरिए बड़े सिलेंडरो से छोटे सिलेंडरो में गैस रिफिल की जाती है।
रिफिलिंग के इस खेल में रिस्क के साथ साथ मुनाफा अधिक है। यही वजय है कि कस्बे में कुछ दुकानदार अवैध रिफिलिंग खुलेआम कर रहे है। बता दे कि चूल्हा रिपेयरिंग सेंटरो से लेकर बिजली व परचून की दुकानों तक में इस खतरनाक खेल को अंजाम दिया जा रहा है।
इनके साथ लगते कुछ दुकानदारों ने नाम ने छापने की शर्त पर बताया की गैस डालते समय निकलने वाली जहरीली बंदबू ने उनका जीना दुभर किया हुआ है। उन्होंने बताया की कई बार इस कार्य को करते समय आग भी लग चूकि है। जिसे बड़ी जददोजहद के बाद बुझाया गया है।
लेकिन आमजन की जिंदगी को खतरें में डालने वाले इन दुकानदारों को इससे कोई सरोकार नहीं। सूत्रो की माने तो 620 रुपये का सिलेंडर इन अवैध धंधेबाजो को 1000 से 1100 रुपये में आसानी से मिल जाता है जिसकी गैस रिफिलिंग के जरिए बेचकर ये लोग 1500 सौ रुपये से अधिक रकम बना लेते है।