दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एटा (यूपी) में अवैध हथियार बनाने वाली फैक्टरी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अवैध हथियार बनाने व सप्लाई करने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फैक्टरी को पांच वर्ष से चला रहे थे। आरोपियों के कब्जे से 20 पिस्टल व 180 कारतूस बरामद किए गए हैं। पिस्टल एटा में बनती थी, जबकि कारतूस आगरा से लाते थे। स्पेशल सेल की टीम कारतूस देने वाले आगरा के व्यक्ति की तलाश कर रही है।
स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार, सेल की टीम को जांच में पता लगा कि एटा व आगरा होकर मुंगेर, बिहार से अवैध हथियार दिल्ली आ रहे हैं। इस सूचना के बाद इंस्पेक्टर अत्तर सिंह व जितेन्द्र तिवारी की टीम बनाई गई। टीम ने जांच के बाद सुभाष मार्ग-अंसारी रोड क्रॉसिंग दरियागंज, दिल्ली से रामगोपाल उर्फ फौजी (52) को 11 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 10 पिस्टल व 150 कारतूस बरामद किए गए।
रामगोपाल से पूछताछ के बाद इसके साथी नसीम उर्फ जयबीर (37) को आगरा से 12 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। नसीम के कब्जे से आठ पिस्टल व 30 कारतूस बरामद किए गए। पुलिस टीम ने थाना इलाका आवागढ़, एटा (यूपी) स्थित रामगोपाल के घर पर दबिश दी।
पुलिस ने यहां से दो पिस्टल, चार मैगजीन, आधी बनी पिस्टल, कच्चा माल, पिस्टल बनाने के उपकरण, ड्रिल मशीन, कटिंग मशीन, डाई व अन्य सामान बरामद किया गया। ये अपने घर में पांच वर्ष से अवैध हथियार बनाने की फैक्टरी चला रहा था।
रामगोपाल पहले मुंगेर, बिहार से अवैध हथियार लाकर सप्लाई करता था। वह नसीम से अवैध हथियार लेता था।
नसीम पर जब बिहार पुलिस का दबाव बढ़ा, तो उसने रामगोपाल से अवैध हथियार बनाने की जगह मांगी। रामगोपाल ने उसे अपने घर में जगह दे दी थी। रामगोपाल मूलरूप से हाथरस (यूपी) का रहने वाला है। यहां इसने एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इसके बाद ये काफी वर्ष पहले हाथरस को छोड़कर एटा में जाकर रहने लग गया था।