प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में इन दिनों किसानों के द्वारा निर्माण कराए जा रहे हैं। ये निर्माण रात-दिन चल रहे हैं, लेकिन प्राधिकरण के सर्किल इंजीनियर चुप्पी साधे हुए हैं, जो आगे चलकर विवाद का कारण बनेगा। वहीं, कई स्थानों पर कब्जा करके प्लॉटिंग भी हो रही है।
ग्रेटर नोएडा के फेस टू के लालकुंआ से दादरी के बीच के गांव अधिसूचित क्षेत्र के तहत आते हैं। गांव छपरौला, अच्छैजा, दुजाना, विश्नूली, डेरीमच्छा, सादौपुर, बादलपुर, कूडीखेड़ा, धूममानिकपुर गांवों की जीटी रोड से सटी हुई जमीन पर इन दिनों कॉलोनाइजर सक्रिय हैं। इन्होंने प्राधिकरण के सूचना बोर्ड जिसमें अधिसूचित क्षेत्र बताया गया है उसे पेंट कर कॉलोनी का बोर्ड बना दिया है। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में सस्ती दरों का लालच देकर प्लॉटिंग की जा रही है। जीटी रोड के किनारे की महंगी जमीन पर रात-दिन अवैध निर्माण चल रहे हैं। किसानों से कॉलोनाइजरों ने कृषि की जमीन को खरीदकर बिना श्रेणी बदले उनके प्लॉटों के रूप में बेच रहे हैं।
दूर दराज के लोगों को गुमराह करके अधिसूचित क्षेत्र से बाहर होने की बात कहकर प्लॉट बेचे जा रहे हैं। कई स्थानों पर तो लोगों ने प्लॉट लेकर मकान तक बना लिए हैं। प्लॉट बेचने के लिए केवल रास्ते छोड़कर प्लॉट की निशानदेही की गई है। यहां सड़क निर्माण, पार्क, 24 घंटे बिजली समेत अन्य सुविधाएं देने के दावे किए जा रहे हैं।
तोड़फोड़ करेगा प्राधिकरण
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी अवैध निर्माण को होने नहीं दिया जाएगा। अवैध निर्माण गिराने के लिए टीम काम कर रही है। सूरजपुर और बिसरख में निर्माण गत सप्ताह में गिराया गया था। अन्य गांवों में भी चिह्नित करने का काम चल रहा है।
किसी भी हालत में अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। दो गांवों में गत दिनों में अवैध निर्माण हटाया जा चुका है। फेस-2 क्षेत्र के अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी हालत में अवैध कॉलोनियां नहीं बसने दी जाएगी। जल्द ही उनको चिह्नित करके अभियान चलाया जाएगा। अवैध निर्माण को गिराया जाएगा।
हरीश वर्मा, एसीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण