संजय सिंह राणा के बेटे विशाल समेत अन्य पर नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से पूरे परिवार के एक सदी वाले रिश्तों में दरार आ गई है।
भाजपा के सदस्य संजय राणा का कहना है कि इस घटना ने सिर्फ उन्हें बल्कि पूरे परिवार को तोड़ दिया है। उनके दादा सरदार सिंह (अफलातून) की करीब 100 साल पहले से इकलाख के दादा से दोस्ती थी।
उसी समय से उनका आना-जाना था और इकलाख उनके लिए गांव का व्यक्ति नहीं था बल्कि वह एक तरह से उनके ताऊ का बेटा था। इकलाख उनकी रिश्तेदारियों में भी जाता रहा है।