-केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने किया शिलान्यास, पर्यावरण संरक्षण का रखा जाएगा ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
आईआईटी दिल्ली विजन 2035 के तहत सीरत और सूरत बदलने की कवायद शुरू हो गई है। इस दिशा में बुधवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शैक्षणिक खंड-103 और महिला छात्रावास-50 बी की आधारशिला रखी। लगभग पांच लाख वर्ग फीट निर्मित क्षेत्रफल वाला शैक्षणिक खंड-103 आईआईटी दिल्ली का पहला दस मंजिला शैक्षणिक भवन होगा। जिसमें दो भूतल होंगे।
इस खंड में 31 कक्षाएं एवं व्याख्यान कक्ष, 150 अनुसंधान प्रयोगशालाएं, 150 संकाय कार्यालय और सम्मेलन कक्ष तैयार किया जाएगा। भवन में शैक्षणिक प्रौद्योगिकी सेवा केंद्र भी स्थापित होगा। इस केंद्र में कैफेटेरिया, बैंकिंग सुविधाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इस मौके पर आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी सहित कई दूसरे अधिकारी भी मौजूद रहे।
1400 छात्राओं के आवास की होगी सुविधा
लगभग 3.9 लाख वर्ग फीट निर्माण क्षेत्रफल में नया महिला छात्रावास बनाया जाएगा। इसमें 1400 छात्राओं के आवास की सुविधा होगी। इस महिला छात्रावास में दो लोगों के रहने वाले कमरे होंगे। इस परियोजना को 4 स्टार जीआरआईएचए सर्टिफिकेट लक्ष्य के साथ विकसित किया जा रहा है। इनमें पर्यावरणीय सुनिश्चित करने हेतु छतों पर सौर पैनल, निष्क्रिय वास्तु-डिजाइन उपाय, वर्षा जल संचयन प्रणाली, सुसज्जित हरित सार्वजनिक स्थल और कम-वाष्पशील कार्बनिक यौगिक युक्त निर्माण सामग्री का समावेश किया गया है।