दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी घटना के पहले दिन ही दर्ज कर ली गई थी। छात्र ने 22 अगस्त को इंस्टीट्यूट कैंपस की बिल्डिंग से कूदकर खुदकुशी कर ली थी। शुरुआती जांच के मुताबिक, छात्र सुबह करीब 8 बजे मेन गेट से आईआईटी दिल्ली कैंपस में घुसा था और उसके बाद लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स गया, जहां से लिफ्ट से छठी मंजिल पर पहुंचा।
घटना के बारे में सुबह करीब 8.30 बजे किशनगढ़ पुलिस स्टेशन को एक पीसीआर कॉल मिली। इसके बाद पुलिस की एक टीम कैंपस पहुंची। सबूत इकट्ठा करने के लिए एक क्राइम टीम और एक फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी यूनिट को भी बुलाया गया था। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। मरने वाले की जेब से मिला एक मोबाइल फोन जब्त कर लिया। उसकी जांच की जा रही है।
पुलिस छात्र के काउंसलिंग रिकॉर्ड और इंस्टीट्यूट से दूसरी ज़रूरी जानकारी भी ले रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि छात्र की मौत के पीछे अगर कोई और था, तो उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में पता लगा कि छात्र प्रथम वर्ष में अच्छे अंकों से पास हुआ था। इस वर्ष उसकी दोस्ती एक युवती से हुई थी। कुछ समय बाद वह ड्रग्स लेने लग गया था और डिप्रेशन का शिकार हो गया था। छात्र अपनी मां के साथ किराये के कमरे में कटवारिया सराय में रह रहा था।
इंजीनियर थे पिता
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऋषिकेश के पिता बिहार में इंजीनियर थे। पिता की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। पिता की जगह ऋषिकेश कुमार के बड़े भाई को सरकारी नौकरी मिल गई थी। भाई भी इंजीनियर है। मां ऋषिकेश के इलाज के लिए दिल्ली उसके पास रहने आई थी।