पढ़ाई के साथ सोशल एक्टिविटीज छात्रों में निर्णय लेने की क्षमता बढ़ातीं हैं। आंत्रप्रेन्योर्स बनने के बाद वे हरेक चीज का समाधान खोज लेते हैं। यह बातें आईआईटी दिल्ली के वार्षिक सम्मेलन बीकॉन-2024 के आखिरी दिन रविवार को पहले सत्र को संबोधित करते हुए आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहीं। उन्होंने आरबीआई गवर्नर रहते खुद के सामने आई चुनौतियों के बारे में छात्रों को बताया।
आईआईटी दिल्ली के गोल्ड मेडलिस्ट रहे रघुराम राजन ने बताया, पढ़ाई के दौरान उन्होंने स्टूडेंट अफेयर काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी संभाली, जिसने इनकी नेतृत्व करने की क्षमता को निखारने में मदद की। आरबीआई का गवर्नर रहते हुए उन्होंने इन्फ्लएशन को नियंत्रित करने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के काम पर चर्चा की। उन्होंने अपनी किताब ब्रेकिंग द माउल्ड पर भी बात की। आईआईटी दिल्ली के आंत्रप्रेन्योर डेवलपमेंट सेल के प्रेसीडेंट समीर अख्तर ने इस चर्चा सत्र का संचालन किया।
उन्होंने पूर्व आरबीआई गवर्नर से एक के बाद एक कई सवाल जवाब किए। बीकॉन-2024 के आखिरी दिन ‘पुराने व्यवसाय नए स्टार्टअप्स के साथ कैसे सफल हो सकते हैं’ विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित हुआ। वाधवानी फाउंडेशन के प्रेसीडेंट मितुल पटेल, पॉलीकैव ग्रुप लिमिटेड के पूर्व जीएमडी राम कृष्णन, नो ब्रोकर के फाउंडर अमित कुमार अग्रवाल ने इस सत्र में हिस्सा लिया। इसके बाद आईआईटी दिल्ली के कंपनी शुरू करने वाले पूर्व छात्रों ने अलग-अलग सत्रों में विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
चायोस के फाउंडर राघव वर्मा, ऑफ बिजनेस के फाउंडर नितिन जैन और आईवीवाई के फाउंडर विक्रम गुप्ता सहित कई अन्य लोग इसमें शामिल थे। आईआईटी के सीनियर छात्र और बीकॉन के मेंटर रहे अमर दीक्षित ने बताया कि आखिरी दिन भी स्टार्टअप एक्सपो में छात्रों ने हिस्सा लिया। रिस्पॉन्सिबल एआई पर भी चर्चा हुई।