पोषण विशेषज्ञ बनने का नया रास्ता होगा साफ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ होम इकोनॉमिक्स (आईएचई) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बैचलर ऑफ न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स (ऑनर्स) पाठ्यक्रम की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षित पोषण विशेषज्ञ तैयार करना है, जो अस्पतालों, जनस्वास्थ्य व सामुदायिक स्वास्थ्य क्षेत्रों में काम कर सकें।
चार वर्षीय (आठ सेमेस्टर) इस पाठ्यक्रम को एनसीएएचपी एक्ट 2021 के दक्षता-आधारित मानकों के अनुरूप बनाया गया है। इसमें 1,485 घंटे सैद्धांतिक अध्ययन व 2,250 घंटे व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल है। छह महीने की क्लिनिकल इंटर्नशिप भी अनिवार्य होगी।
छात्रों को अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, उद्योग व सामुदायिक स्तर पर प्रशिक्षण व शोध का अवसर मिलेगा, जिससे मरीजों के पोषण प्रबंधन व आहार संबंधी जरूरतों को समझने का प्रत्यक्ष अनुभव होगा।
पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद विद्यार्थी एनसीएएचपी की एग्जिट-लाइसेंस परीक्षा में शामिल होकर पंजीकृत पोषण पेशेवर बन सकेंगे। यह पाठ्यक्रम आईएचई व लेडी इरविन कॉलेज में संचालित किया जाएगा।