आईजीडीटीयूडब्लयू ने 15 दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत की
कार्यक्रम में स्मार्ट मैन्युफैकचरिंग, डिजिटल सप्लाई चेन आदि पर विशेष सत्र आयोजित होंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय (आईजीडीटीयूडब्ल्यू) के शिक्षक उद्यमिता के गुर सिखेंगे। आईजीडीटीयूडब्लयू ने इसके लिए राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) के सहयोग से भारत के नए युग के एमएसएमईएस को इंडस्ट्री 4.0 समर्थन विषय पर सोमवार को 15 दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत की है। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की अनुसंधान और नवाचार इकाई अन्वेषण फाउंडेशन की ओर से आयोजित किया गया है।
चार अगस्त तक चलने वाले इस कार्यक्रम में स्मार्ट मैन्युफैकचरिंग, डिजिटल सप्लाई चेन, सतत उत्पादन, महिला स्टार्ट अप पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य उद्योग विशेषज्ञों, संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और उभरते उद्यमियों को एक मंच पर लाकर एमएसएमई क्षेत्र में नवाचार और डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि एनएसआईसी के वरिष्ठ सलाहकार ओपी सिंह ने किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एमएसएमई को इंडस्ट्री 4.0 की तकनीकों जैसे इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन और स्मार्ट डेटा सिस्टम को अपनाने की तत्काल आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत के एमएसएमई क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने में सहायक होंगे। आईजीडीटीयूडब्लयू की कुलपति प्रोफेसर डॉ. रंजना झा ने कहा कि हमारा उद्देश्य ऐसी महिला पेशेवरों को तैयार करना है जो एमएसएमई क्षेत्र में नवाचार का नेतृत्व करें। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल कौशल विकास नहीं है, यह आत्मविश्वास, नेतृत्व और उद्देश्य की भावना विकसित करने का माध्यम है।