दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इंदिरा गांधी स्टेडियम कांप्लेक्स को कोविड-19 अस्पताल बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली सरकार की दो टीमें स्टेडियम का दौरा कर चुकी हैं।
कांप्लेक्स स्थित 10 हजार की क्षमता वाले केडी जाधव कुश्ती स्टेडियम और 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाले जिम्नास्टिक इंडोर स्टेडियम में सात हजार बेड लगाए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इस स्टेडियम को दिल्ली सरकार डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कब्जे में ले सकती है।
दिल्ली सरकार की ओर से जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम, तालकटोरा और आईजी स्टेडियम स्पोर्ट्स कांप्लेक्स को डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कब्जे में लेने का आदेश साई को अप्रैल माह में ही दिया जा चुका है। लेकिन स्टेडियमों को अस्पताल में तब्दील करने की प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत नहीं पड़ी।
बीते दिनों तेजी से बढ़ते कोरोना के मामलों ने राज्य सरकार को आईजी स्टेडियम का दौरा करने पर मजबूर कर दिया। स्टेडियम में पिछले कुछ दिनों में दौरा करने वाली टीमों ने इंडोर स्टेडियम होने के नाते केडी जाधव और जिम्नास्टिक स्टेडियम को अस्पताल बनाने पर सहमति दी। हालांकि सरकार ने स्टेडियम के दौरे के बाद अब तक साई को यह नहीं बताया है कि वह कब से स्टेडियम को कब्जे में ले रही है।
लेकिन स्टेडियम को मेक शिफ्ट अस्पताल में जल्द तब्दील किए जाने के संकेत दिए गए हैं। अगर ऐसा होता है तो यह दिल्ली का दूसरा सबसे बड़ा मेक शिफ्ट अस्पताल होगा। स्टेडियम में 30 हजार की क्षमता पर एक समय में पांच सौ से एक हजार दर्शकों के टॉयलेट जाने के हिसाब से शौचालय बनाए गए हैं।
बावजूद इसके अस्पताल बनने पर मेक शिफ्ट टॉयलेट स्थापित किए जाने का काम किया जाएगा। नेहरू स्टेडियम को भी अस्पताल बनाने की बात चली थी, लेकिन यहां केंद्र सरकार के कई ऑफिस खुले होने और खेल गतिविधियां शुरू होने के चलते इसे फिलहाल अस्पताल नहीं बनाया जाएगा।