फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

iFOREST रिपोर्ट में दावा: पंजाब-हरियाणा में 90% पराली आग पकड़ से बाहर, किसान तीन बजे के बाद जलाने लगे

Tue, 09 Dec 2025 04:36 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

आईफॉरेस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, किसान अधिकतर पराली दोपहर 3 बजे के बाद जलाते हैं, जबकि निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले सैटेलाइट सिर्फ 10.30 बजे सुबह से 1.30 बजे दोपहर तक ही खेतों को स्कैन करते हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : संवाद।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के 90% से ज्यादा मामले अब सरकारी निगरानी सिस्टम की नजर से बच रहे हैं। इंटरनेशनल फोरम फॉर एनवायरनमेंट, सस्टेनेबिलिटी एंड टेक्नोलॉजी (आईफॉरेस्ट) की सोमवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, किसान अधिकतर पराली दोपहर 3 बजे के बाद जलाते हैं, जबकि निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले सैटेलाइट सिर्फ 10.30 बजे सुबह से 1.30 बजे दोपहर तक ही खेतों को स्कैन करते हैं।

विज्ञापन


रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के सीआरईएमएस की ओर से संचालित मौजूदा निगरानी प्रणाली इस नए पैटर्न के अनुरूप नहीं है। इससे दिल्ली की हवा में पराली के योगदान का आकलन काफी कम बताता है।
आईफॉरेस्ट ने कहा कि स्थिति सुधारने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम में बड़े बदलाव की जरूरत है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि जमीन पर सुधार हो रहा है। सेंटीनेल-2 सैटेलाइट के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में खरीफ सीजन में पराली जलाने की की जमीन 2022 के 31,447 वर्ग किमी से घटकर 2025 में करीब 20,000 वर्ग किमी रह गई। यानी 37% की कमी। हरियाणा में भी 2019 के मुकाबले 25% की कमी दर्ज की गई है।
विज्ञापन


यूपी में बढ़े पराली जलाने के मामले
साथ ही, आईफॉरेस्ट ने चेताया कि गलत आंकड़ों के कारण दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता का पूर्वानुमान भी प्रभावित हो रहा है। संस्था ने सुझाव दिया कि सरकार सक्रिय आग की गिनती के बजाय जली हुई जमीन के डाटा को प्राथमिकता दे और निगरानी में नए सैटेलाइट स्रोतों को शामिल करे। रिपोर्ट ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पराली जलाने के मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए वहां भी निगरानी मजबूत करनी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें