प्राथमिक उपचार देने के लिए प्रशिक्षित हैं मेट्रो के कर्मचारी
दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी परिचालन कर्मी, कर्मचारी को प्राथमिक चिकित्सा-सीपीआर प्रशिक्षण दिया गया। सभी ट्रेन ऑपरेटरों और सभी मेट्रो स्टेशनों पर प्राथमिक चिकित्सा किट भी उपलब्ध हैं। यदि कोई यात्री अस्वस्थ महसूस करता है तो वह या आसपास के लोग तुरंत आवश्यक चिकित्सा के लिए मदद मांग सकते हैं। जरूरत के आधार पर बीमार यात्री को तुरंत व्हीलचेयर, स्ट्रेचर और प्राथमिक चिकित्सा सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं जाती हैं।
सफर में यात्री को आया था हार्ट अटैक
डा. कौशिक का दावा है कि मेट्रो यात्रा के दौरान एक यात्री को अचानक हार्ट अटैक आया और वह बेहोश हो गए। उन्हें तुरंत सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। इसके बाद मरीज की जान बची। बाद में इमरजेंसी बटन दबाकर मरीज को आजादपुर मेट्रो स्टेशन पर उतारा गया और अस्पताल भेजा गया। इस स्टेशन पर भी एईडी मशीन नहीं थी। वहीं वायलेट लाइन पर हार्ट अटैक होने से एक 26 वर्षीय युवा डाक्टर की मौत हो गई थी।
कोर्ट ने सुविधा का दिया था निर्देश
दिल के मरीजों की सुविधा को देखते हुए हार्ट केयर फाउंडेशन ने साल 2018 में दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर एईडी उपकरण लगाने की मांग रखी थी। इस पर कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को सार्वजनिक स्थलों और डीएमआरसी को प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर एईडी उपकरण लगाने का निर्देश दिया था, लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ।