अगर आपने संपत्ति की रजिस्ट्री कराते समय कम स्टांप शुल्क लगाया है तो फंस सकते हैं। शासन ने प्रदेश भर के सभी डीएम, एडीएम और एआईजी स्टांप को मौके पर जाकर जांच करने के सख्त आदेश दिए हैं।
प्रमुख सचिव अनिल कुमार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि हर जिले के डीएम प्रत्येक माह कम से कम पांच बड़ी संपत्तियों की मौके पर जाकर मुआयना करेंगे।
कमी पाए जाने पर मामला दर्ज करेंगे। यह भी देखेंगे कि स्टांप कम लगाने में रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत तो नहीं है। अगर ऐसा मिला तो उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट प्रत्येक माह की 7 तारीख को शासन को भेजी जाएगी।
इसी तरह जिले के एडीएम को 25 और एआईजी स्टांप को 50 संपत्तियों का निरीक्षण हर माह मौके पर जाकर करने होंगा। अब तक रजिस्ट्री विभाग के अधिकारी व कर्मचारी ही मौके पर जाकर निरीक्षण करते थे। डीएम और एडीएम अमूमन नहीं जाते थे। कर्मचारियों को भेजकर जांच करवा लेते थे। स्टांप कमी की रिपोर्ट मिलने पर मामला दर्ज करा देते हैं। कई बार कर्मचारी ऐसे मामलों की अनदेखी भी कर देते हैं।