कोरोना वायरस की आकृति बनाता एक कलाकार
- फोटो : पीटीआई
देश में कोरोना का संक्रमण अब भी तेजी से बढ़ रहा है और आए दिन इसके लक्षण भी बदल रहे हैं। दिल्ली में अब कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या आठ हजार के करीब पहुंच चुकी है। जबकि 100 से ज्यादा लोगों की मौत दर्ज हो चुकी है।
ऐसे में अगर आपको कोरोना के कोई भी लक्षण अपने अंदर नजर आएं तो आप सबसे पहले ये आठ काम करें...
आपको सबसे पहले क्या करना चाहिए जब लक्षण दिखने लगे
- अपने घर में क्वारंटीन हो जाएं और परिवार के सदस्यों से भी दूरी बना लें। बिना सुरक्षा के उनके संपर्क में न आएं।
- पूरे समय मास्क पहनें, दिन खत्म होने पर उन्हें फेंक दें।
आपको कब टेस्ट कराने की जरूरत है
- यह निर्भर करता है कि आप कहां रहते हैं या क्या काम करते हैं और लक्षण जिसमें बुखार, सूखी खांसी और सांस लेने में परेशानी है या नहीं।
- अगर बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी है तो उन्हें टेस्ट तुरंत कराना चाहिए।
- अगर आप रेड जोन में रहते हैं तो भी आपको टेस्ट कराना चाहिए।
टेस्टिंग की कीमत
सरकारी लैब: मुफ्त
निजी लैब: 4500 रुपये
आपको टेस्ट कराने के लिए क्या चाहिए
- जब डॉक्टर का लिखित प्रिस्क्रिप्शन हो कि आपको टेस्ट कराना है।
- सरकारी पहचान पत्र जिसमें आधार, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट शामिल है।
- फॉर्म 44 या कोविड-19 का फॉर्म जो मरीज या डॉक्टर द्वारा भरा हो, यह फॉर्म निजी लैब के वेबसाइट पर उपलब्ध होता है।
- प्राइवेट लैब में पेमेंट ऑनलाइन करना होता है।
सैंपल का कलेक्शन
- ज्यादातर निजी लैब घर पर आकर सैंपल इकट्ठा करते हैं और कई ड्राईव थ्रू की सुविधा भी देते हैं।
- सरकारी अस्पताल में मुफ्त टेस्ट कराने के लिए अपने पास के अस्पताल में जाएं जिसे इसके लिए चिन्हित कि किया गया है।
- सैंपल इकट्ठा करने वाले से बात करते समय मास्क लगाकर रखें और सैंपल देने के बाद तुरंत हाथ धोएं।
टेस्ट रिजल्ट कैसे मिलेंगे
- टेस्ट रिपोर्ट आने में 24 से 48 घंटे लगते हैं।
- मरीज को फोन या ईमेल के जरिए टेस्ट रिजल्ट के बारे में मरीज को बताया जाता है। मरीज के साथ ही राज्य सरकार और आईसीएमआर को भी सूचित किया जाता है।
रिपोर्ट निगेटिव आए तो क्या करना चाहिए
- अपने डॉक्टर के साथ रिपोर्ट साझा करें।
अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आए तो क्या करें
- आप तुरंत अपने आप को आइसोलेट कर लें और परिवार के किसी सदस्य के सीधे संपर्क में न आएं।
- सरकार आपको खुद आगे की डिटेल के साथ संपर्क करेगी कि आपको अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत है या फिर आप अपने घर में आइसोलेट रखे जा सकते हैं।
क्या आपको दोबारा टेस्ट कराने की जरूरत है
- अगर किसी मरीज को बहुत हल्का या थोड़ा ज्यादा बुखार है तो उसे 14 दिन के बाद टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है। अगर उसे क्वारंटीन में जाने के तीन दिन के बाद बुखार नहीं है और उसके खून में 95 प्रतिशत से ज्यादा ऑक्सीजन लेवल है तो उसे दोबारा टेस्ट नहीं कराना है।
- अगर किसी की हालत गंभीर होती है और वो अस्पताल में भर्ती होता है तो उसे डिस्चार्ज करने से पहले टेस्ट होगा। जब तक उनकी सभी मेडिकल कंडीशन नॉर्मल नहीं होती वो डिस्चार्ज नहीं किए जाएंगे।