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'उपराष्ट्रपति भवन के सामने ही जलभराव तो अन्य इलाकों का क्या होगा हाल?'

Thu, 01 Sep 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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द‌िल्ली उच्च न्यायालय
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हाईकोर्ट ने उपराष्ट्रपति निवास के सामने की सड़क सहित राजधानी के अन्य स्थानों पर जलभराव पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि जब उपराष्ट्रपति भवन के सामने की हालत ऐसी है तो दिल्ली के अन्य इलाकों का क्या हाल होगा। 
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अदालत ने सभी एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि आप कुछ काम नहीं करना चाहते, हम इस प्रकार के रवैये को सहन नहीं करेंगे। न्यायमूर्ति बीडी अहमद और आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि पूरी दिल्ली जलमग्न है। 

प्रेसिडेंट स्ट्रीट, नार्थ व साउथ एवेन्यू, रायसीना मार्ग आदि महत्वपूर्ण जगहों समेत जिन रास्तों से भी वे अदालत आएं हैं, वहां जलभराव व यातायात जाम की समस्या मिली। अदालत ने दिल्ली जलबोर्ड, पीडब्ल्यूडी व नगर निगम समेत अन्य सिविक एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि आप लोगों ने कुछ नहीं किया है। 
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'आप हमें कड़ी कार्रवाई करने पर मजबूर न करें'

बारिश से बेहाल दिल्ली - फोटो : अमर उजाला
आप क्या कर रहें हैं। अदालत ने सख्ती से कहा कि अगर आपको काम नहीं करना है तो स्पष्ट बता दें, यदि करना है तो बता दें वरना हमें सख्त आदेश जारी करना पड़ेगा।

आप हमें कड़ी कार्रवाई करने पर मजबूर न करें।  सुनवाई के दौरान सिविक एजेंसियों की ओर से बताया गया कि कई जगह पानी निकासी के लिए पंप लगाए गए हैं, साउथ एक्स में तीन पंप लगाए हैं। 

अदालत ने सिविक एजेंसियों से कहा कि आप काम ही नहीं करना चाहते हैं। यदि ऐसा है तो फिर पानी क्यों भरा। अदालत ने कहा कि राजधानी की सभी सड़कें पानी से भरी हैं और मच्छरों के प्रजनन का मैदान बन गई हैं। 

जलभराव के कारण डेंगू, चिकनगुनियां जैसी बीमारियां फैल रही हैं। हम हर वर्ष जलभराव को लेकर आदेश दे रहे हैं लेकिन इसे रोकने की दिशा में आप कुछ नहीं कर रहे। 
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'हर वर्ष एक ही समस्या को हम बर्दाश्त नहीं कर सकते'

बारिश से बेहाल दिल्ली - फोटो : अमर उजाला
हर वर्ष एक ही समस्या को हम बर्दाश्त नहीं कर सकते। अदालत दक्षिणी दिल्ली स्थित कुशक नाले की सफाई नहीं करने के मामले में दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही है। 

सुनवाई के दौरान याची मंजीत सिंह चुग ने अदालत को बताया कि यहां तीन में दो पंप खराब पड़े हैं, संबंधित अधिकारी अदालत में गलत बयानबाजी कर रहे हैं। अदालत ने पीडब्ल्यूडी व जल बोर्ड को मामले में नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 28 सितंबर तय की है। 

इससे पूर्व अदालत ने पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता को तुरंत प्रभाव से नाले की सफाई काम शुरू करने व तीन सप्ताह में पूरा कर फोटो सहित विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। 
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