डूसू चुनाव समिति की ओर से कॉलेजों में वॉल ऑफ डेमोक्रेसी उपलब्ध कराने के लिए भेजा जाएगा प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) छात्र संघ चुनाव के लिए चुनाव समिति बनते ही हलचल तेज हो गई है। इस बार किसी संगठन या उम्मीदवार की पोस्टरबाजी से दीवारों को गंदा करने पर सख्त कार्रवाई होगी। डीयू परिसर में गंदगी फैलाने पर सख्त रुख अपनाएगा। इस बार चुनाव के लिए प्रत्येक कॉलेज में उम्मीदवारों को वॉल ऑफ डेमोक्रेसी मिल सकती है। डूसू चुनाव समिति की ओर से कॉलेजों में वॉल ऑफ डेमोक्रेसी उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (डूसू) अगले माह होने की संभावना है। बीते सप्ताह डूसू चुनाव समिति भी बना दी गई है। चुनाव को लेकर डीयू के मुख्य चुनाव अधिकारी और प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने मौरिस नगर के थाना प्रभारी के साथ मिलकर डूसू चुनाव 2025-26 के सुचारू संचालन के लिए डूसू पदाधिकारियों और छात्र प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की। प्रॉक्टर कार्यालय में हुई इस बैठक में डूसू चुनाव समिति और प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने छात्र प्रतिनिधियों को आगामी डूसू चुनाव 2025-26 के दौरान चलाए जा रहे विरूपण विरोधी अभियान के बारे में जानकारी दी।
समिति ने छात्र प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि प्रचार के लिए कॉलेजों में अलग से वॉल ऑफ डेमोक्रेसी उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक कॉलेज को प्रस्ताव भेजा जाएगा। डीयू में वॉल ऑफ डेमोक्रेसी कुछ चुनिंदा ऐसी दीवारें हैं जहां संगठन बिना किसी बाधा के अपने प्रत्याशियों के लिए वोट की अपील कर सकते हैं। चूंकि इन दीवारों पर प्रत्याशियों के लिए प्रचार करने पर आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना जाता है। नॉर्थ कैंपस में यह दीवारें आर्ट फैकल्टी के गेट नंबर-4 केपास, गांधी भवन के पास, पटेल चेस्ट चौक, मौरिस नगर चौक व क्रांति चौक के पास हैं।
बरती जाएगी जीरो टोलरेंस : चुनाव समिति
डूसू चुनाव समिति की ओर से बताया गया कि चुनावों के दौरान दीवारों को गंदा करने के लिए जीरो टोलरेंस बरती जाएगी। उम्मीदवारों को निर्धारित व्यय सीमा के भीतर प्रचार के लिए केवल हाथ से बने पोस्टरों का ही उपयोग करना होगा। उम्मीदवारों को काले शीशे वाले या बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। ऐसा वाहन मिलने पर उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। छात्र प्रतिनिधियों की ओर से चुनाव समिति को आश्वासन दिया गया है कि चुनाव के दौरान दीवारों को गंदा नहीं किया जाएगा।
पिछले चुनाव में परिसर गंदा करने के कारण कोर्ट ने परिणाम जारी करने पर लगा दी थी रोक
वहीं, विश्वविद्यालय के प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने मुख्य चुनाव अधिकारी के साथ मिलकर चुनाव के दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कॉलेजों के प्राचार्यों, विभागाध्यक्षों, छात्रावासों के प्रोवोस्ट, वार्डन, दिल्ली के डीसीपी, एसीपी, एसएचओ के साथ भी एक ऑनलाइन बैठक की है। बीते साल डूसू प्रचार के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा था। इस कारण से कोर्ट ने डूसू चुनाव की मतगणना पर रोक लगा दी थी। इस संबंध में डीयू को भी कड़ी फटकार लगाई गई थी। दीवारों की सफाई करने के बाद ही रिजल्ट जारी करने पर लगी रोक को हटाया गया था।