दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता दिवाली बाद से गंभीर बनी हुई है। दिल्ली की हवा इमरजेंसी मोड में पहुंच जाने की आशंका है। सुबह और शाम वातावरण में धुआं मिश्रित धुंध (स्मॉग) भी महसूस हो रहा है।
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यदि दिल्ली-एनसीआर में 48 घंटे तक लगातार हवा में पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 का स्तर 300 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर और पीएम 10 का स्तर 500 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर से अधिक रिकॉर्ड किया जाता है तो यह हवा की आपात स्थिति मानी जाएगी। इसके बाद दिल्ली में स्वत: सम-विषम फॉर्मूला लागू करना होगा और निर्माण कार्य पर पाबंदी भी लगानी होगी।
प्रदूषण मापने वाली शीर्ष एजेंसी के आंकड़े और दिल्ली के वातावरण में बंधक बन चुका प्रदूषण आपात स्थिति को दर्शा रहा है और इसकी आधिकारिक घोषणा भी जल्द हो सकती है।
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हवा की आपात स्थिति के बाद दिल्ली-एनसीआर में स्वत: सम-विषम फॉर्मूला लागू करना होगा
- फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट ने 2 दिसंबर 2012 को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) को मंजूर करते हुए अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि हवा की आपात स्थिति के बाद दिल्ली-एनसीआर में स्वत: सम-विषम फॉर्मूला लागू करना होगा और निर्माण कार्य को ठप करने के साथ ही भारी वाहनों के दिल्ली-एनसीआर में प्रवेश पर भी पाबंदी लगानी होगी।
जीआरएपी के तहत आपात स्थिति के दौरान यह कदम उठाना होगा। इन कदमों की पूर्व जानकारी सरकार और संबंधित प्राधिकरणों को संचार माध्यमों पर देनी होगी।
वहीं यूपी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया कि दिल्ली के नक्शे-कदम पर ही एनसीआर के राज्य भी चलेंगे। यदि दिल्ली में सम-विषम लागू करने की स्थिति बनेगी, तभी एनसीआर में भी इस बारे में सोचा जाएगा।
मिसाल के तौर पर पहले दिल्ली में ही जेनसेट बंद किए गए हैं लेकिन अभी एनसीआर में इन पर पाबंदी नहीं लगाई गई है। हो सकता है कि कुछ दिनों बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) और सीपीसीबी गठित टास्क फोर्स में हवा की आपात स्थिति पर फैसला ले लिया जाए।
फरीदाबाद और गाजियाबाद की हालत खराब
Odd Even in Delhi
- फोटो : अनिल कुमार
हरियाणा में फरीदाबाद में बीते 24 घंटे में पीएम 2.5 का स्तर 445 और यूपी में गाजियाबाद में पीएम 2.5 का स्तर 454 पाया गया, जबकि नोएडा का स्तर 402 रहा। 400 से ज्यादा वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर हवा को दर्शाती है।
आपात स्थिति का पैमाना
पीएम 2.5 का स्तर 300 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर या पीएम 10 का स्तर 500 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से ज्यादा और लगातार 48 घंटे रिकॉर्ड हो तो यह आपात स्थिति होगी। पीएम 2.5 का सामान्य मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर और पीएम 10 का सामान्य मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर है।
मौसम के चलते दिल्ली में बंधक बन गया है प्रदूषण
सम-विषम फिर से
- फोटो : जी पॉल/अमर उजाला, नई दिल्ली
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ( सीपीसीबी) के वायु प्रयोगशाला के प्रभारी व वैज्ञानिक डॉ डीपी साहा ने बताया कि दिल्ली की हवा में प्रदूषण तत्व कैद हो गए हैं। उन्हें बिखरने के लिए मौसम से कोई मदद नहीं मिल रही है।
हवा की गति मंद है और नमी भी है। मिक्सिंग हाइट भी नीचे आ गई है। इस वजह से प्रदूषण अभी बरकरार रहेगा। जो स्थिति है उससे लगता है कि पीएम 2.5 लगातार खराब स्थिति में आने वाले दिनों में भी बना रहेगा।
दिल्ली में बीते वर्ष दो बार सम-विषम फॉर्मूला लागू किया गया था। पहली बार जनवरी महीने में शुरुआती 15 दिन सम-विषम लागू किया गया। ठंड के समय प्रदूषण बढ़ने और वाहनों से होने वाले प्रदूषण के गठजोड़ से दिल्ली में जो भयानक प्रदूषण होता है उससे राहत मिली थी।
वाहनों की संख्या कम होने से ऐसा हुआ था। हालांकि दूसरी बार सम-विषम फॉर्मूला लागू तो हुआ लेकिन नतीजों में विफल रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया था।
दिल्ली की हवा में औसत पर्टिकुलेट मैटर बीते 48 घंटे की स्थिति
दिनांक वायु गुणवत्ता सूचकांक
17 अक्तूबर 306 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
18 अक्तूबर 302 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
19 अक्तूबर 319 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
20 अक्तूबर 403 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
21 अक्तूबर 389 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर
नोट - बीते पांच दिनों से सीपीसीबी के जरिये 24 घंटों के आधार पर जारी किए जा रहे वायु गुणवत्ता सूचकांक से स्पष्ट है कि दिल्ली की हवा में मौजूद पर्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 अपने औसत मानक से करीब 6 से 7 गुना अधिक रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। वायु गुणवत्ता सूचकांक आंकड़ों में प्रभावी प्रदूषक पीएम 2.5 ही है। आशंका है कि पीएम 2.5 का स्तर 300 के पार लगातार 48 घंटे के स्तर को पार कर जाए।
रियल टाइम दिल्ली-एनसीआर का औसत पीएम 2.5
सीपीसीबी के रियल टाइम आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को शाम के वक्त 7 बजे दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर 330 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर (औसत) और पीएम 10 का स्तर 384 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर (औसत) रिकॉर्ड किया गया। यही स्थिति कमोबेश एनसीआर में भी पीएम की दर्ज की गई। शाम 7 बजे पीएम 2.5 का स्तर 326 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर और पीएम 10 का स्तर 374 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किया गया।