कोरोना से जंग में केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार का पूरा सहयोग किया है। इसके लिए गृहमंत्री अमित शाह ने कमान संभाली और राजधानी को हरसंभव मदद मुहैया कराई। केंद्र ने दिल्ली को 11.11 लाख एन-95 मास्क, 6.81 लाख पीपीई किट और 44.80 लाख एचसीक्यू गोलियां वितरित कीं। राजधानी में कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए जांच में तेजी लाने के लिए 50 हजार एंटीजन रैपिड टेस्ट किट भी उपलब्ध कराईं।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) ने कोविड-19 की निगरानी और रिस्पांस स्ट्रेटजी समेत सभी पहलुओं पर दिल्ली सरकार को तकनीकी परामर्श दिया। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने राजधानी की प्रयोगशालाओं को 4.7 लाख टेस्ट (आरटी-पीसीआर) किट दीं।
आईसीएमआर ने जांच के लिए 1.57 लाख आरएनए एक्सट्रेक्शन किट और कोविड-19 के नमूनों के संकलन के लिए 2.8 लाख वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम (वीटीएम) और स्वैब भी प्रदान किए
सबसे बड़े कोविड सेंटर की कमान आईटीबीपी के हाथ
छतरपुर में राधा स्वामी सत्संग ब्यास में 10000 बिस्तरों का सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। चिकित्सा कर्मियों की जरूरी संख्या की उपलब्धता सुनिश्चित करने समेत केंद्र सरकार इसका पूरा प्रचालन करेगा। कोविड सेंटर की कमान आईटीबीपी को सौंपी गई है। सेंटर में लगभग 2000 बिस्तर मरीजों के उपयोग के लिए तैयार हैं।
अंतिम संस्कार के लिए दिशा-निर्देश बनाए
केंद्र सरकार ने कोरोना से मरने वालों के अंतिम संस्कार को लेकर दिल्ली को दिशा-निर्देश दिए। सरकार को प्रत्येक मृतक के बारे में आकलन करने की सलाह दी गई है। इस बात पर भी ध्यान दिया गया कि मृतक को घर में पृथकवास में रखा गया था और क्या उस व्यक्ति को सही समय पर अस्पताल में लाया गया था या नहीं। सभी अस्पतालों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि शवों को उनके निकट संबंधियों को देने और कोविड-19 से मरने वालों का अंतिम संस्कार करने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।