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Exclusive Interview : अभी तो जहां जीती हूं, आसमां जीतना बाकी है - मानुषी

Wed, 29 Nov 2017 10:52 AM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुरुग्राम
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manushi chhillar - फोटो : सुदर्शन झा
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चीन के सान्या में मिस वर्ल्ड 2017 का खिताब जीतकर पूरी दुनिया में हरियाणा का नाम रोशन करने वाली मानुषी छिल्लर मंगलवार को दिल्ली पहुंचीं। फैंस की भीड़ को देखते हुए वह इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल थ्री के मुख्य द्वार की बजाय पीछे के रास्ते से बाहर निकलीं।
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एनएच-8 स्थित एक होटल में मानुषी का जोरदार स्वागत हुआ और वहां पर लोगों से खुलकर बात की। हरियाणा के सोनीपत स्थित भगत फूल सिंह मेडिकल कॉलेज से लेकर मिस वर्ल्ड तक का सफर तय करने वाली मानुषी अभी बहुत कुछ करना चाहती है।

आत्मविश्वास से लबरेज मानुषी कहती हैं कि अभी तो जहां जीती हूं, आसमां जीतना बाकी है। उन्होंने मिस वर्ल्ड तक के सफर और अब आगे की रणनीति पर खुलकर बातचीत की। पेश है अमर उजाला संवाददाता शाहनवाज आलम से बातचीत के प्रमुख अंश:
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manushi chhillar - फोटो : सुदर्शन झा
प्रश्र: मिस वर्ल्ड बनेंगी, इस बारे में क्या कभी आपने सोचा था?
उत्तर: मिस वर्ल्ड बनूंगीं, इसके बारे में मिस इंडिया बनने से पहले कभी नहीं सोचा था, लेकिन मिस इंडिया बनने के बाद पूरा फोकस मिस वर्ल्ड पर लगा दिया। इसके लिए बहुत कड़ी मेहनत की। आज नतीजा सबके सामने है। मिस इंडिया से पहले किसी फैशन प्रतियोगिता में हिस्सा भी नहीं लिया था, लेकिन बचपन से मन में था कि मिस वर्ल्ड बनूं।

प्रश्न: मिस वर्ल्ड को लेकर कितना दबाव था?
उत्तर: बहुत दबाव था। मिस वर्ल्ड के प्लेटफॉर्म पर अकेले मानुषी छिल्लर नहीं थी। बल्कि वहां पूरे भारत की लड़कियों का मैं प्रतिनिधित्व कर रही थी। मेरी जीत, उन सभी लड़कियों की जीत है, जो मिस इंडिया या मिस वर्ल्ड बनने का ख्वाब देखती हैं। जब टॉप-5 में पहुंच गई तो दबाव और बढ़ते चला गया। 17 वर्ष बाद इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर पूरे भारत को अकेले प्रतिनिधित्व कर रही थी। बहुत दबाव था, लेकिन, मम्मी-पापा के हौसले और उनकी दुआओं ने मुझे कामयाब बना दिया।

प्रश्न: 17 वर्ष बाद मिस वर्ल्ड का खिताब भारत के नाम हुआ है। कैसे तैयारी की थी आपने?
उत्तर: आमतौर पर ग्रूमिंग के सभी हिस्से पर ट्रेनर फोकस करते है, लेकिन तैयारी के वक्त भी यही ध्यान रहता था कि भारत को 17 वर्ष बाद ताज दिलाना है। यह तैयारी के साथ नया जोश भी देता था और तनाव भी। बहुत एक्साइटमेंट था, लेकिन तैयारियों को ज्यादा एंज्वॉय किया।
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manushi chhillar - फोटो : अमर उजाला
प्रश्न: आपने कहा, सबसे ज्यादा तनख्वाह मां को मिलनी चाहिए। इस जवाब का आइडिया कैसे आया?
उत्तर: मैं नहीं जानती यह आइडिया कैसे आया। वहां बहुत भीड़ थी और उसी भीड़ में अपने मम्मी-पापा को देख रही थी। टॉप-5 तक पहुंच गई थी, मम्मी-पापा बहुत खुश थे। अंदर से इमोशन था। यह भी अंदर से लग रहा था कि यह एक मौका है अपनी बात पूरी दुनिया के सामने रखने का। जो अंदर से महसूस करती थी, वही उस दिन बोली। मुझे लगता है मां की तनख्वाह अधिक होनी चाहिए। जितना मेरे लिए मेरी मां ने बलिदान दिया है, उतना कोई और नहीं दे सकता है।

प्रश्न: अब आगे की क्या योजना है?
उत्तर: अभी तो मिस वर्ल्ड बनी हूं, इसका लुत्फ उठाऊंगी। एक वर्ष तक पूरी दुनिया घूमूंगी। कई लोगों से मिलूंगी। कई नई चीजें सीखूंगी। मेडिकल स्टूडेंट भी हूं। उस लिहाज से बहुत कुछ सीखना है। दुनिया देखना है। और भी बहुत कुछ सोचा है, वह बाद में बताऊंगी।

प्रश्र: आपने कहा फिल्मों में काम करना नहीं चाहती। ऐसा क्यों?
उत्तर: फिलहाल फिल्मों में काम नहीं करना चाहती हूं। अभी कुछ सोचा भी नहीं है। मुझे कॉलेज भी करना है। अभी दुनिया जीती हूं और पूरा आसमां जीतना बाकी है। अगर मौका मिला तो जरूर करुंगी। आमिर खान के साथ फिल्म करना चाहूंगी। वह सामाजिक संवेदनाएं वाली फिल्म बनाते हैं। उनका विषय मुझे बहुत पसंद है।

प्रश्र: समाज में लड़कियों पर बड़ी बंदिशें है। आपके साथ भी ऐसी कुछ पारिवारिक बंदिशें थी?
उत्तर: मेरे साथ किसी तरह की बंदिशें नहीं थी। मम्मी-पापा ने बहुत सपोर्ट किया। कभी उन्हें बैठाकर नहीं बोलना पड़ा कि मुझे ये पसंद है और यह करना है। वह खुद समझते गई और सपोर्ट करती रहे। घर वालों ने पूरा सहयोग किया। मम्मी-पापा हमेशा मेरे लिए तैयार रहते थे। मेरा हौसला बढ़ाने के लिए चीन में एक सप्ताह तक मम्मी-पापा मेरे साथ रहे। यह खुशी की बात है कि हरियाणा की लड़कियां खेल और ब्यूटी दोनों में आगे बढ़ रही हैं।
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