'मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं'
आईआईटी दिल्ली में एआई से संबंधित कुछ नई पहलें भी शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री ने इन नई पहलों के लिए भी सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे सभी कार्यक्रम में मौजूद हैं। परंतु उनके मन के किसी कोने में कुछ और भी चल रहा होगा। मोदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वह तो बाबा बागेश्वर नहीं हैं, लेकिन इसे महसूस कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर छात्र भविष्य के लिए एक सपना और एक विजन लेकर चलता है। प्रधानमंत्री की इस बात पर पूरे परिसर में ठहाके लगने लगे।
'छात्रों के मन में कुछ तो चल रहा होगा'
प्रधानमंत्री ने छात्रों के मन में चल रहे भविष्य के सपनों को समझा। उन्होंने कहा कि हर छात्र अपने भविष्य की एक तस्वीर मन में रखता है। यह पल उत्साह, उमंग, सपनों और भावनाओं से भरा है। छात्र केवल उपाधि नहीं ले रहे, बल्कि देश के लिए कुछ करने के सपने लेकर जा रहे हैं।
मोदी ने छात्रों को उनकी उपलब्धियों के लिए पदक प्राप्त करने पर बधाई दी। उन्होंने पदक विजेताओं में अधिक बेटियों के शामिल होने की उम्मीद जताई। आईआईटी दिल्ली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी नई पहलें शुरू हुई हैं। प्रधानमंत्री ने इन पहलों के लिए भी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं दीं।