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Hypothyroidism: हाइपोथायरायडिज्म से बच्चों के दिल की धड़कन पर होता है असर, समय पर इलाज से खतरा हो सकता है कम

Fri, 13 Feb 2026 06:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा सिमरन, नई दिल्ली

सार

राहत की बात यह है कि समय पर पहचान और उचित इलाज शुरू करने से इन संभावित खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। 
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demo - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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बच्चों में हाइपोथायरायडिज्म को अक्सर विकास में देरी या थकान जैसी सामान्य समस्याओं से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन नए शोध ने इसके हृदय पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अध्ययन में पाया गया है कि इस बीमारी से पीड़ित बच्चों के दिल की इलेक्ट्रिकल गतिविधि में सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं, जो आगे चलकर हार्ट रिदम बिगड़ने (एरिथमिया) का खतरा बढ़ा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बच्चे में धीमी शारीरिक वृद्धि, अत्यधिक थकान, वजन बढ़ना, कब्ज, सूखी या पीली त्वचा, ठंड अधिक लगना, चेहरे पर सूजन, जीभ का बड़ा होना या गर्दन में सूजन जैसे लक्षण दिखें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। 

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शोध में स्पष्ट हुआ कि हाइपोथायरायडिज्म केवल थायराइड ग्रंथि तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि यह हृदय की धड़कन के संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि समय पर पहचान और उचित इलाज शुरू करने से इन संभावित खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। 

शोध टीम
शोध टीम में आकाश तोमर, डॉ. केआर मीणा, डॉ. हिमानी अहलूवालिया और डॉ. दिव्यम धाकर शामिल थे। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह एक प्रोस्पेक्टिव कोहोर्ट शोध था, जिसमें 5 से 12 वर्ष की आयु के कुल 64 बच्चों को शामिल किया गया। इनमें 32 बच्चे हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित थे, जबकि 32 स्वस्थ बच्चों को तुलना के लिए कंट्रोल ग्रुप में रखा गया। सभी बच्चों की दिल की कार्यप्रणाली जांचने के लिए ईसीजी और एचआरवी टेस्ट किए गए। बीमार बच्चों की जांच इलाज शुरू करने से पहले और फिर तीन महीने तक लेवोथायरोक्सिन दवा देने के बाद दोबारा की गई।
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हाइपोथायरायडिज्म क्या है? 
हाइपोथायरायडिज्म एक ऐसी बीमारी है जिसमें थायराइड ग्रंथि पर्याप्त थायराइड हार्मोन (टी3 और टी4) नहीं बनाती। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म यानी चयापचय धीमा हो जाता है और शरीर की ऊर्जा कम हो जाती है।

मुख्य लक्षण

  • हमेशा थका हुआ महसूस होना
  • कम खाने के बावजूद वजन बढ़ जाना
  • सामान्य तापमान में भी ज्यादा ठंड लगना
  • त्वचा बहुत रूखी हो जाना और बाल झड़ना
  • कब्ज और पाचन धीमा होना
  • जोड़ों या मांसपेशियों में अकड़न या दर्द
  • अवसाद, याददाश्त कमजोर होना या ध्यान में कमी
  • दिल की धड़कन सामान्य से धीमी होना
  • महिलाओं में मासिक धर्म की समस्या, अनियमित या भारी पीरियड्स आना
  • आवाज में भारीपन, चेहरे पर सूजन (खासकर आंखों के आसपास)
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