दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मानव तस्करी करने वाले दंपति को शकूरपुर से गिरफ्तार किया है। दोनों दिल्ली में प्लेसमेंट एजेंसी चलाते हैं। उन पर आरोप है कि झारखंड से गैरकानूनी तरीके से नाबालिग लड़कियों को दिल्ली लाकर उन्हें प्लेसमेंट एजेंसी के जरिये घरों में कामकाज करवाते थे। झारखंड में दंपति के खिलाफ मानव तस्करी और नाबालिग लड़कियों को अगवा करने के पांच मामले दर्ज हैं। अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर रखा है।
क्राइम ब्रांच के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि झारखंड के खुंटी जिला के पुलिस अधीक्षक ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच से संपर्क कर मानव तस्करी में लिप्त पन्नालाल महतो और उसकी पत्नी सुनीता कुमारी की गिरफ्तारी में सहयोग मांगा। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इनके खिलाफ अदालत ने कई मामलों में गैर जमानती वारंट जारी कर रखा है।
पुलिस अधीक्षक के आग्रह पर क्राइम ब्रांच की टीम ने दंपति से संबंधित जानकारी हासिल करनी शुरू की। पुलिस को पता चला कि दंपति शकूरपुर इलाके में आने वाले हैं। पुलिस की टीम ने 19 अक्तूबर को दंपति को दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान वह अपने घर से सामान लेकर किसी अन्य जगह भागने की फिराक में थे।
झारखंड पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम इससे पूर्व 13 अक्तूबर को पन्नालाल महतो की एक महिला रिश्तेदार गायत्री को शकूरपुर बी ब्लॉक से गिरफ्तार किया था। गायत्री पर भी नाबालिग लड़कियों की तस्करी में लिप्त होने का आरोप है।
गौरतलब है कि 4 अक्तूबर को माओवादी से संपर्क रखने वाले झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को क्राइम ब्रांच ने पन्नालाल के एम ब्लॉक शकूरपुर स्थित घर से गिरफ्तार किया था। झारखंड पुलिस के मुताबिक पन्नालाल भी झारखंड के माओवादियों से संपर्क में है। दिल्ली पुलिस ने खुंटी के पुलिस अधीक्षक को दंपति की गिरफ्तारी की सूचना दे दी है।