पत्नी का शव कंधे पर लेकर 12 किलोमीटर तक चलने वाले ओडिशा के दाना मांझी को लोग अभी भूल भी नहीं पाए थे कि देश की राजधानी में सोमवार रात इसी तरह की एक और शर्मसार करने वाली घटना घटित हुई।
चाय की दुकान चलाने वाले छोटेलाल पत्नी का शव सुरक्षित रखने के लिए पांच घंटों तक इधर से उधर भटकता रहा। मकान मालिक ने घर में शव रखने नहीं दिया और अस्पताल के गार्ड ने उसे अंदर नहीं आने दिया।
थक हारकर वह सड़क पर एंबुलेंस खड़ी कर सुबह होने का इंतजार करने लगा। बाद में पुलिस की मदद से शव सुरक्षित रखवाया जा सका। कड़कडडूमा निवासी छोटेलाल चाय की दुकान चलाता है। सोमवार रात वह बीमार पत्नी अंजू को लेकर हेडगेवार अस्पताल पहुंचा। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।