पीड़िता की पहचान गीता देवी (25) के रूप में हुई है। वह पिछले चार माह से किराड़ी सुलेमान नगर स्थित अपने मायके में रह रही थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 13 जून की सुबह एक युवक ने पुलिस को फोन कर बताया कि उसके जीजा ने उसकी बहन का गला चाकू से रेत दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। वहां शिकायतकर्ता आदर्श सिंह मिला। जिसने अपने बहनोई राजकुमार को पुलिस के हवाले किया। उसने बताया कि परिवार वाले उसकी घायल बहन गीता देवी को लेकर संजय गांधी अस्पताल गए हैं। पुलिस आरोपी को थाने भेजकर अस्पताल पहुंची। जहां गीता देवी का इलाज चल रहा था। वह बयान देने की हालत में थी।
गीता देवी ने पुलिस को बताया कि नौ साल पहले उसकी शादी कवि नगर गाजियाबाद निवासी राजकुमार से हुई थी। उसकी दो बेटी है। उसका पति कोई काम नहीं करता है। वह शराब पीने का आदी है और नशे में वह उसके साथ मारपीट करता था। वह उसके चरित्र पर भी शक करता था। चार माह पहले उसकी आदतों से परेशान होकर वह बेटियों को लेकर अपने मायके आ गई। 12 जून की शाम उसका पति उसके घर आया और उसे साथ चलने के लिए कहने लगा। लेकिन वह जाने से इनकार कर दी। इस बात को लेकर उनके बीच कहासुनी हो गई। उसके बाद उसका पति वहां से चला गया।
13 जून की सुबह वह बाहर बने शौचालय जाने के लिए घर से निकली। इसी दौरान राजकुमार ने पीछे से चाकू से उसका गला को रेत दिया। गले से खून निकलने लगा। वह घर की तरफ भागी। आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देकर पीछा भागा। इसी दौरान उसके दो भाइयों ने आरोपी को पकड़ लिया। पीड़िता के बयान पर पुलिस ने हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपी राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से चाकू बरामद कर लिया है।