डिबाई कोतवाली क्षेत्र के देवी का नगला गांव में जुलाई 2020 में ससुराल वालों ने दहेज की मांग न पूरी करने पर विवाहिता की हत्या कर दी थी। मामले में अब एडीजे अनूपशहर विनीत चौधरी के न्यायालय ने अभियुक्त पति देवेंद्र को दोषी करार दिया है। साथ ही उसे सात वर्ष का सश्रम कारावास और दस हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी सास-ससुर को दोषमुक्त किया है।
शिकयकर्ता संदीप कुमार ने 24 जुलाई 2020 को थाना डिबाई पर तहरीर दी। तहरीर में उन्होंने बताया कि उनकी बहन नीलम की शादी 10 फरवरी 2019 को थाना क्षेत्र के गांव देवी का नगला निवासी युवक देवेंद्र कुमार के साथ हुई थी। शादी में मायके पक्ष ने करीब 15 लाख रुपये खर्च किए थे। इसके बावजूद ससुराल वाले खुश नहीं थे। पति देवेंद्र, ससुर जयपाल, सास किरन और ननद बाला उर्फ रुकमणी, सुमन व मीनू मारुति स्विफ्ट कार की मांग करते थे। मांग पूरी न होने पर उनकी बहन का उत्पीड़न किया जा रहा था।
इस संबंध में कई बार नीलम ने अपने मायके आकर जानकारी भी दी थी। आरोप है कि नीलम ने उनको बताया था कि आरोपी ससुराल वाले कार की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या की धमकी दे रहे हैं। मायके पक्ष ने कई बार आरोपियों को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। शादी के करीब 17 माह बाद यानि 24 जुलाई 2020 को शाम पांच बजे संदीप को फोन आया कि उनकी बहन की हत्या कर ससुराल वालों ने शव को फंदे से लटका दिया है।
जब वह परिवार के साथ मौके पर पहुंचे, तब तक पुलिस आ चुकी थी और ससुराल वाले फरार हो चुके थे। नीलम कमरे में पंखे से लटकी मिली। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और जांच पूरी कर आरोपी पति व सास-ससुर के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के अधविक्ताओं के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन सिफ पति को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। शेष अभियुक्तों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है।