अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट ने वर्ष 2016 के एक दहेज मौत मामले में महिला के पति पवन सिंह, उनके भाई धीरज सिंह और मां उषा देवी को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश यदवेंद्र सिंह की अदालत ने कहा कि गवाहों की गवाहियों, परिस्थितियों और मामले के तथ्यों से स्पष्ट होता है कि अभियोजन पक्ष का मामला अदालत के विश्वास को प्रेरित नहीं करता।
न्यायाधीश ने आदेश में लिखा कि इस चरण में अदालत का निष्कर्ष है कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी व्यक्तियों की दोषसिद्धि को उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है। अदालत ने तीनों आरोपियों को बरी करते हुए उन्हें सभी आरोपों से मुक्त कर दिया।