नई दिल्ली। मानसून के दौरान हवा में बढ़ी नमी, फफूंद, धूल के कण और वायरल संक्रमण के कारण अस्थमा व अन्य सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। राजधानी के अस्पतालों की चेस्ट और मेडिसिन ओपीडी में खांसी, सांस फूलना, घरघराहट और सीने में जकड़न की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों में इजाफा हुआ है।
बुजुर्गों, बच्चों और पहले से फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों की संख्या अधिक है। नमी से फफूंद व धूल एलर्जी बढ़ाते हैं, जबकि वायरल संक्रमण स्थिति को गंभीर कर सकता है। गुरु तेग बहादुर अस्पताल के डॉ. प्रवीण कुमार ने कहा कि मानसून के दौरान चेस्ट और मेडिसिन ओपीडी में सांस संबंधी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।अस्थमा के मरीज नियमित दवा लें और इनहेलर का उपयोग डॉक्टर की सलाह से करें। सांस लेने में अधिक तकलीफ होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें। संवाद