मानवाधिकार आयोग के रजिस्ट्रार एसएसी गोयल और उनकी टीम ने आशा भवन स्थित नशामुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां पर चल रही गतिविधियों का भी जायजा लिया।
इस अवसर पर उनके साथ रेडक्रॉस सचिव श्याम सुंदर व अनिल कुमार, कानूनी सलाहकार व आशा भवन की टीम के सदस्य भी मौजूद रहे। आशा भवन में 50 से अधिक नशा करने वाले लोगों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए काम किया जा रहा है।
नशा पीड़ित लोगों के परिवार की भी देखभाल इनके द्वारा की जा रही है। गोयल ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र में वृद्ध, अक्षम, बच्चों और जरूरतमंद लोगों की पूरी मदद होनी चाहिए। गोयल ने कहा कि नशा समाज को बर्बाद करने वाला है।
जो व्यक्ति इसका आदी होता है उसका नुकसान तो होता ही है, साथ में उसके परिवार को भी दिक्कत होती है। नशा मुक्ति केंद्रों में आने वाले ऐसे लोगों की विधिवत काउंसलिंग होनी चाहिए। जिससे वह इसे छोड़कर समाज की मुख्य धारा में शामिल हो सके।