फरीदाबाद के अनंगपुर गांव में वन विभाग की तोड़फोड़ के खिलाफ सूरजकुंड रोड पर विशाल महापंचायत आयोजित हुई। इसमें देशभर से हजारों लोग और दुष्यंत चौटाला, राकेश टिकैत, दीपेंद्र हुड्डा, इकरा हसन जैसे नेता शामिल हुए। ग्रामीणों ने गांव को लाल डोरा में शामिल करने और मुआवजे की मांग की।
फरीदाबाद जिले के अनंगपुर गांव में वन विभाग और नगर निगम द्वारा की जा रही तोड़फोड़ के विरोध में रविवार को सूरजकुंड रोड स्थित नगर निगम मैदान में 'अनंगपुर बचाओ संघर्ष समिति' के तत्वावधान में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में देशभर से हजारों लोग जुटे, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख नेता, किसान संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। ग्रामीणों ने अरावली वन क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत हो रही तोड़फोड़ को अनुचित ठहराते हुए गांव को लाल डोरा में शामिल करने की मांग की।
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महापंचायत में हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा, सोनीपत से सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, उत्तर प्रदेश की कैराना से सांसद इकरा हसन और कांग्रेस नेता विजय प्रताप सहित कई प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत भी ग्रामीणों के समर्थन में पहुंचे और सरकार से गांव को बचाने की मांग की।
अनंगपुर संघर्ष समिति के अध्यक्ष अतर सिंह और सलाहकार विजय प्रताप ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि अनंगपुर एक ऐतिहासिक गांव है, जो 1200 साल से अधिक पुराना है और इसे वन क्षेत्र के नाम पर उजाड़ना अन्याय है। विजय प्रताप ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में ग्रामीणों के घरों को तोड़ रही है, जबकि गांववासी सदियों से यहां रह रहे हैं।