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ऐसे समझिए, दिल्ली चुनाव के बाद आ रहे पानी के बिल का सच

Sat, 15 Feb 2020 05:12 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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दिल्ली में पानी के बिल की सच्चाई - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद कुछ दिल्लीवासियों के पास भारी-भरकम राशि का पानी का बिल आया है। चुनाव परिणाम के अगले दिन यानी 12 फरवरी को ही ये पानी का बिल मिलने से लोग हैरान हैं। दरअसल दिल्ली सरकार की मुफ्त जल योजना के तहत 20 हजार लीटर तक पानी मुफ्त है। ऐसे में दो हजार रुपये से ज्यादा का बिल आने से लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

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ये बिल सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं। कई लोग ये कह रहे हैं कि आम आदमी पार्टी की मुफ्त योजना की सच्चाई चुनाव बाद सामने आ गई है और ये महंगे बिल इस बात का सबूत हैं। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि यह फर्जी बिल हैं जो पार्टी को बदनाम करने के लिए वायरल किए जा रहे हैं और इसके पीछे विपक्षी पार्टियों का हाथ है। 

इन बिलों की सच्चाई जानने के लिए अमर उजाला की डिजिटल टीम ने एक बिल का चयन किया और दिल्ली जल बोर्ड के ग्राहक सेवा केंद्र में फोन कर बात की तो पूरे मामले का सच सामने आया...कि आखिर इतनी अधिक राशि के बिल क्यों आ रहे हैं।

 

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दिल्ली जल बोर्ड के टोल फ्री नंबर पर फोन कर जब अमर उजाला ने बिल का नंबर बताया और पूछा कि आखिर दिसंबर 2019 से लेकर फरवरी 2020 तक का पानी बिल 2071 रुपये कैसे आया? क्या अब हमें पानी बिल के नाम पर इतने ज्यादा रुपये खर्च करने होंगे?

तब ग्राहक सेवा प्रतिनिधि ने समस्या का समाधान करते हुए बताया कि इस बिल में साल 2016 से लेकर अबतक की बकाया राशि भी जुड़ी है। जबकि 9 दिसंबर 2019 से लेकर 12 फरवरी 2020 तक का पानी का बिल तो सिर्फ 409 रुपये ही है। उन्होंने बताया कि 2016 के बाद से बिल जमा नहीं किया गया है। 

जब हमने पूछा कि आपने पहले ये बिल क्यों नहीं भेजा तो उनसे जवाब मिला कि पहले भी बिल भेजा गया है। हां, ये संभव है कि हार्ड कॉपी न भेजी गई हो। आपने पुराने बिल का भुगतान नहीं किया था, इसलिए पिछली राशि जोड़कर आपका बिल 2071 रुपये का बना है।

उन्होंने बताया कि 25 सितंबर 2019 तक आपका बकाया बिल 1370 रुपये का था। यह बिल आपका 2016 से सितंबर 2019 का था। इसके बाद फिर एक बिल जनरेट हुआ है जो 9 दिसंबर 2019 को 292 रुपये का और फिर 12 फरवरी 2020 को बिल बना 409 रुपये का। इन सभी बिलों को जोड़कर 12 फरवरी को जो बिल आया वो 2071 रुपये का है।  

यह बिल स्टॉप मीटर रीडिंग से बना है। स्टॉप मीटर रीडिंग का मतलब है कि अगर कई महीने मीटर की एक ही रीडिंग आए तो मीटर रीड करने वाले एक औसत बिल भेजने लगते हैं। हालांकि इसकी शिकायत की जा सकती है और मीटर रीडिंग के हिसाब से बिल को बनवाया जा सकता है।
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