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गरीब खिलाड़ियों के खिलाफ है हुड्डा सरकार का ये फैसला!

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खेलों में अग्रणी राज्य का तमगा पाने वाले प्रदेश में कुछ लोग आजकल गरीब क्रिकेटरों के साथ ‘खेल’ करने में जुटे हुए हैं।
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नाहर सिंह स्टेडियम के प्रैक्टिस मैदान को तीन साल तक निजी हाथों में सौंपने के कागजात बन चुके हैं। जिसे लेकर यहां पर प्रेक्टिस करने वाले खिलाड़ी आग बबूला हैं।

दो साल पहले स्टेडियम परिसर में बने डीसीए क्लब में चल रही बैंड, बाजा, बारात की गतिविधियां बंद करवाने वाले केएल गेरा का कहना है कि यदि एक इंच भी जगह निजी हाथों में दी गई तो वे फिर हाईकोर्ट जाएंगे। क्योंकि खेल विभाग द्वारा ऐसा करने से गरीब क्रिकेटरों की प्रतिभा मारी जाएगी। जब सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं है तो अधिकारी क्यों कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाना चाहते हैं।
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पकड़ा गया प्रशासन का झूठ

इस मामले में विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि यहां पर कोई खिलाड़ी नहीं आता। लेकिन शुक्रवार सुबह जब संवाददाता यहां पहुंचा प्रशासन का झठ पकड़ा गया क्योंक‌ि उस समय वहां कई खिलाड़ी प्रेक्टिस करते मिले।

खिलाड़ियों का कहना है कि नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम के पीछे जो प्रेक्टिस मैदान बना है उसे खेल विभाग ठीक करवा सकता है। लेकिन कुछ अधिकारी अपने चहेतों के चक्कर में इस सरकारी जगह पर निजी अकादमी बनवाना चाहते हैं।

तीन साल के लिए ठेका से जो पैसा लिया जाएगा वह तो सरकार के घर में जाएगा, उससे भावी खिलाड़ियों को क्या मिलेगा। उल्टे गरीब खिलाड़ियों की जेब पर भार बढ़ेगा।

यहां वर्षों से घास तक साफ नहीं की गई है। कुर्सियां टूटी पड़ी हैं। पीने के  पानी तक का इंतजाम नहीं है। इन्हीं को ठीक करने के नाम पर खिलाड़ियों के साथ खेल की तैयारी है।

क्या कहते हैं ‌ख‌िलाड़ी

क्रिकेटर, मनोज पायला ने कहा ‌क‌ि, ‘प्रेक्टिस मैदान को किसी भी कीमत पर हम निजी हाथों में नहीं जाने देंगे। क्योंकि बड़े खिलाड़ी तो मुख्य मैदान में चले जाएंगे, जूनियर कहां जाएंगे। यहां दिन भर खिलाड़ी प्रेक्टिस करके अपने खेल को सुधारते हैं। निजी हाथों में जाने के बाद वे कहां खेलेंगे।’

वहीं गुलशन ने कहा क‌ि, ‘पहले कुछ लोगों के चक्कर में नाहर सिंह स्टेडियम में मैच बंद हो गए। फिर सरकार ने क्रिकेट नर्सरी बंद कर दी। अब प्रेक्टिस मैदान को निजी हाथों में देना सरासर गलत है। खिलाड़ी इसका विरोध करेंगे। क्योंकि उन्हें पता है कि यह सब किसके लिए किया जा रहा है। ऐसा करके अधिकारी निजी अकादमियों को बढ़ावा देना चाहते हैं।’
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'स्टेड‌ियम केवल मुफ्त खेलकूद के ल‌िए है'

फरीदाबाद के ज‌िला खेल अध‌िकारी सत्य प्रकाश राणा ने कहा ‌क‌ि, ‘हम न सिर्फ प्रैक्टिस मैदान बल्कि नाहर सिंह स्टेडियम के दोनों तरफ के कमरे भी निजी हाथों में देने जा रहे हैं। प्रदेश स्तरीय खिलाड़ी इसमें फ्री प्रैक्टिस करेंगे। स्पैट के खिलाड़ी भी फ्री खेलेंगे। ग्राउंडमैन का काम बाहर के प्रैक्टिस मैदान को ठीक करना नहीं है। प्रैक्टिस मैदान पर कोई खिलाड़ी नहीं आता। टेंडर आमंत्रित किया गया था, जिसमें छह पार्टियां आई हैं।’

सूचना अधिकार कार्यकर्ता केएल गेरा ने बताया क‌ि, ‘बेशकीमती जमीन सिर्फ बच्चों के मुफ्त खेलकूद के लिए दी गई थी न कि इस पर निजी अकादमी के लिए। अधिकारी निजी अकादमी खुलवाना चाहते हैं तो इनके कोच क्या कर रहे हैं। अगर जिला प्रशासन ने इस सरकारी जगह को निजी हाथों में सौंपा तो मैं कोर्ट जाऊंगा। इससे पहले भी नाहर सिंह स्टेडियम के नाम पर व्यावसायिक गतिविधियां चलाने की कोशिश हुई थी, जिस पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी।’
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