फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंटरनेशनल शूटिंग चैंपियन को भूल गई हुड्डा सरकार

Sun, 23 Feb 2014 04:05 PM IST
दीपक पांडे/अमर उजाला, फरीदाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
पदक लाओ पद पाओ की घोषणा करने वाले हरियाणा में एक खिलाड़ी को पदक लाने के तीन साल बाद भी सरकार ने नौकरी नहीं दी है।
विज्ञापन


उनका नाम है अनीसा सैयद। पद न होने के कारण यह अंतरराष्ट्रीय शूटर अपने खर्चे पर ही शूटिंग वर्ल्ड कप की तैयारियों में जुट गई है।

अमेरिका में 26 मार्च से शुरू होने वाले शूटिंग वर्ल्ड कप में अंतरराष्ट्रीय शूटर अनीसा शिरकत करेंगी। उन्होंने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में दो स्वर्ण पदक हासिल किए थे। जिसके बाद हरियाणा सरकार की तरफ से घोषणा की गई थी कि उन्हे खेल विभाग में क्लास वन अधिकारी के पद पर नियुक्त किया जाएगा। लेकिन तीन साल बीतने के बावजूद यह घोषणा हकीकत में नहीं बदली।

अनीसा ने बताया कि वह अब सरकार से नौकरी की उम्मीद ही छोड़ चुकी हैं। उन्होंने अपने राज्य को प्राथमिकता देने के लिए रेलवे द्वारा क्लास वन अफसर का पद देने का ऑफर ठुकरा दिया था। लेकिन हरियाणा से मायूसी हाथ लगी।
विज्ञापन


हर रोज आता है तीन से चार हजार रुपये का खर्च
अनीसा ने बताया कि वह प्रतियोगिता के 10 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल वर्ग में भाग लेंगी। प्रतियोगिता के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। लेकिन आर्थिक स्थिति उनके सामने बाधा बनकर खड़ी हो गई है। बताया कि वह वर्ल्ड कप के लिए कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में अभ्यास कर रही हैं। अभ्यास के लिए कारसूत बाहर से लाने पड़ते हैं। हर रोज कुल मिलाकर तीन से चार हजार रुपये का खर्च आता है। अनीसा का कहना है कि अगर उनके पति मुबारक हुसैन साथ न देते तो वह वर्ल्ड कप में भाग लेने के बारे में सोच भी नहीं सकती थीं।
विज्ञापन


अनीसा के पति मुबारक का कहना है कि देश में केवल क्रिकेट की जय-जयकार है। एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को सरकार कोई सहयोग नहीं दे रही है। जबकि पदक आने के बाद पूरा देश गुणगान गाने लगता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें