गुरुग्राम सेक्टर-47 में हुडा द्वारा बनाए गए 528 फ्लैट्स अफसरों की लापरवाही के चलते खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि सात साल पहले बने इन फ्लैटों को बनाकर उनके रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। कहा तो यहां तक जा रहा है कि हुडा साइबर सिटी में ऐसे गरीबों को तलाश नहीं कर पाया जिनके रहने के लिए ये आवास बनाए गए थे।
बता दें कि हुडा ने वर्ष 2010 में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर-47 में 528 फ्लैट्स बनाए थे। इन फ्लैटों को यहां रहने वाले गरीब लोगों को दिया जाना था। लेकिन विभाग 15 लाख की आबादी वाले गुरुग्राम में 528 ऐसे परिवार नहीं खोज पाया जिनको ये फ्लैट्स दिए जा सकें। मानव आवाज संस्था आरटीआई के जरिए मांगी गई जानकारी से इस बात का खुलासा हुआ है।
संस्था के मुताबिक फ्लैट्स बनने के सात साल बाद भी विभाग द्वारा कोई आवेदन तक नहीं मांगें गए। जिसके कारण ये मकान अभी तक खाली पड़े हैं। संस्था के संयोजक अभय जैन ने बताया कि ये फ्लैट्स अॅलाट करने के लिए विभाग द्वारा आज तक कोई नीति नहीं बनाई गई।
उन्होंने कहा कि हुड्डा विभाग गरीबों को आशियाना देने की जगह टाल-मटोल की कार्यवाही में लगा हुआ है। जैन का कहना है कि अब ये फ्लैट्स खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। लेकिन उसे कोई देखने सुनने वाला नहीं है।
उधर, संस्था के प्रवक्ता बनवारी लाल सैनी ने सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द गरीब लोगों को ये फ्लैट्स देने की योजना बनाएं ताकि 528 परिवारों को रहने के लिए छत मिल सके।