मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने खूंखार अपराधियों पर नकेल कसने के लिए महाराष्ट्र के मकोका की तर्ज पर हरियाणा में हरकोका कानून लागू करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि इसे जल्द अमल में लाने की दिशा में काम शुरू हो गया है। उन्होंने गुड़गांव के भोंडसी एवं सुनारिया में फॉरेंसिक साइंस लैब (एपएसए) की स्थापना की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि अपराध को नियंत्रित करने लिए हरियाणा सरकार हरियाणा कंट्रोल ऑफ ऑर्ग्नाइज्ड क्राइम एक्ट (हरकोका) ला रही है। महाराष्ट्र में बने महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्ग्नाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) कानून की तर्ज पर ही इसे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को गुड़गांव के भोंडसी में पुलिस महकमा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि नए कानून लागू करने की तैयारी अंतिम दौर में है। इसलिए इसे जल्द लागू किया जाएगा। इसका स्वरूप कैसा होगा, इस बारे में खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कानून पुलिस व्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाएगी।
क्या है मकोका
मुंबई समेत महाराष्ट्र के अन्य शहरों में अंडरवर्ल्ड के आतंक से निपटने के लिए 1999 में राज्य सरकार ने महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्ग्नाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) कानून बनाया था। इसके तहत जांच एजेंसी खूंखार अपराधों, संगठित अपराध गिरोह और क्राइम सिंडिकेट चलाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाता है।
इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियां की सहमति जरूरी है। कानून के मुताबिक खास तरह के मामलों में मकोका लगाया जा सकता है। जिसमें जमानत का प्रावधान नहीं है। इसके तहत अधिकतम सजा फांसी है, जबकि कम-से-कम पांच साल कैद का प्रावधान है। 2002 में दिल्ली में भी इसे लागू किया गया है।