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गुरुग्राम: हरेरा ने ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगाया 30.48 करोड़ रुपये का जुर्माना, यह है पूरा मामला

Tue, 21 Jan 2020 10:02 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
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फ्लैट - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) गुरुग्राम ने फ्लैट बिक्री की परियोजना का पंजीकरण न कराने और खरीदारों को समय पर फ्लैट बनाकर नहीं देने के मामले में मैसर्स ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड पर 30.48 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। हरेरा के अध्यक्ष डा. केके खंडेलवाल की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह कार्रवाई की है। 

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रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम- 2016 के तहत अपूर्ण परियोजनाओं के प्रमोटरों को 31 जुलाई 2017 से पहले अपनी परियोजनाओं को पंजीकृत करवाने की मोहलत दी गयी थी। मैसर्स ओरिस इन्फ्रास्टक्चर प्राईवेट लिमिटेड की ओर से सेक्टर-82ए में साढ़े नौ एकड़ क्षेत्र में एक व्यवसायिक परियोजना को विकसित किया जा रहा है। परियोजना को विकसित करने के लिए प्रमोटर को लाईसेंस वर्ष 2008 में  जारी किया गया था और 11 साल बीत जाने के बावजूद अभी तक साइट पर कुछ नहीं किया गया है। 

दूसरी ओर वाणिज्यिक इकाइयों/भूखंडो को प्रमोटर की ओर से बड़ी संख्या में खरीदारों को बेचा जा चुका है, जबकि साइट पर वास्तव में कुछ नहीं हुआ है। खरीदार खुद को प्रमोटर के हाथों ठगा महसूस कर रहे थे। प्रमोटर जबरन उन्हें किसी अन्य परियोजना में स्थानांतरित करने की भी कोशिश कर रहा था। हरेरा ने यह मामला संज्ञान में आने के बाद प्रमोटर के खिलाफ कार्रवाई की। 
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रिकार्ड की जांच में पता चला कि बिल्डर कानून की पूर्ण अवहेलना कर रहा है और निर्धारित समय के बाद ढाई साल बीत जाने के बाद भी चालू परियोजना को पंजीकृत नहीं करवाया गया। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 300.48 करोड़ रुपये है। इस कारण हरेरा ने परियोजना की लागत का 10 प्रतिशत यानी 30.48 करोड़ रुपये का अधिकतम जुर्माना लगाने का फैसला किया। 

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