कोरोना लॉकडाउन में शिक्षण संस्थान बंद होने के दौरान भी सभी स्कूली बच्चों को दुपहर का पौष्टिक भोजन मिलता रहेगा। केंद्र सरकार ने मिड-डे मील के वार्षिक बजट में 10.99 फीसदी की बढ़ोतरी की है।
पहले 73 सौ करोड़ रुपये सालाना खर्च होते थे, अब उसकी जगह 81 सौ करोड़ रुपये होंगे। गर्मियों की छुटिटयों में भोजन उपलब्ध करवाने को अलग से 1600 करोड़ रुपये और राज्यों को प्रथम तिमाही के 25 00 करोड़ रुपये भी जारी हो रहे हैं।
मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की मंगलवार दुपहर को 23 राज्यों के शिक्षा मंत्रियों और कुलपतियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक हुई। बैठक में दिल्ली समेत कई अन्य राज्यों के शिक्षा मंत्रियों ने लॉकडाउन केचलते पढ़ाई प्रभावित होने पर जेईई मेन, नीट, समेत उच्च शिक्षा की परीक्षा का पाठ्यक्रम 30 फीसदी तक कम करने की मांग रखी है।
मानव संसाधन विकास मंत्री ने लॉकडाउन अवधि में ऑनलाइन कक्षाओं से 30 करोड़ छात्रों को जोड़े रखने की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इसके बाद राज्यों से रिपोर्ट ली गई।
निशंक ने राज्यों से कहा कि एनसीईआरटी ने लर्निंग आउटकम के तहत तीन वैकल्पिक अकेडमिक
कैलेंडर बनाए हैं, राज्य इसे अपने हिसाब से बदलाव कर अपना सकते हैं। कई राज्यों ने किताब न मिलने पर सवाल उठाया। इस पर निशंक ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्रालय से बात करने पर ही लॉकडाउन में किताबों की दुकानों को खोलने को शामिल किया गया है। एनसीईआरटी ने सभी राज्यों को किताबों का ई-कटेंट उपलब्ध करवा दिया है। अब किताबों की दिक्कत नहीं आएगी। स्कूल खोलने से पहले सेफ्टी गाइडलाइन भी जारी होगी। लॉकडाउन के चलते राज्य साल का बचा हुआ पैसा भी खर्च कर सकते है। ऑनलाइन में इंटरनेट की दिककत को देखते हुए कक्षाएं टीवी से जोड़ दी गई है।
राज्य बोर्ड परीक्षा कें रिजल्ट बनवाने में करें मदद
निशंक ने कहा कि दिल्ली को छोड़कर देश के अन्य राज्यों में दसवीं बोर्ड परीक्षा केसभी पेपर हो चुके हैं। सिर्फ 12 वीं बोर्ड परीक्षा के 28 पेपर बचे हैं। इसलिए मैं राज्य सरकारों से आग्रह करता हूं कि वे अपने राज्यों में बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन के काम में सहयोग दें। जो जहां है, वहीं मूल्यांकन के लिए मदद कर सकता है। इससे रिजल्ट बनाने में सहयोग मिलेगा।
बोर्ड परीक्षा अब संभव नहीं, इंटरनल एग्जाम के आधार पर पास करें: सिसोदिया
दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने बैठक में केंद्र को सुझाव दिया कि लॉकडाउन के चलते अब दसवीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा करवाना संभव नहीं है। इसलिए इंटरनल एग्जाम के आधार पर ही बच्चों को नौंवी और 11वीं कक्षा की तर्ज पर पास कर दिया जाए।
सिसौदिया ने पाठयक्रम 30 फीसदी कम करने की भी मांग रखी है। इसके अलावा सरकार से दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियों व एफएम पर प्रतिदिन तीन घंटे का स्लॉट भी मांगा है। इसके माध्यम से दिल्ली के छात्रों को घर बैठे ऑनलाइन कक्षाओं से जोडना है। हालांकि सीबीएसई बोर्ड प्रबंधन बोर्ड परीक्षा के छात्रों को इंटरनल एग्जाम के आधार पर पास पास करने की मांग को पहले ही ठुकरा चुका है।