कड़ाके की ठंड लोगों को हृदय रोगी बना रही है। बुजुर्ग और हृदय रोग ग्रस्त से लेकर युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसकी बानगी सिविल अस्पताल में देखने को मिली।
बतौर तीमारदार आए एक युवा का अचानक दिल का दौरा पड़ गया। जिसके बाद इमरजेंसी में भर्ती किया गया। इसी तरह निजी अस्पतालों में भी दिल के दौरे के मरीजों की संख्या 10 फीसदी बढ़ गई है।
डॉक्टरों की मानें तो गर्मी के मुकाबले कड़ाके की ठंड में करीब 50 फीसदी तक हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है। हेल्दी लाइफ स्टाइल नहीं होने की वजह से युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में भी एक सप्ताह में करीब दस मरीज आ चुके हैं। वहीं अन्य अस्पतालों में इसकी संख्या अधिक है।
डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में ठंड के कारण हृदय के अलावा मस्तिष्क और शरीर के अन्य अंगों की धमनियां सिकुड़ती हैं। इससे रक्त प्रवाह में रूकावट आती है और रक्त के थक्के बनने की आशंका अधिक हो जाती है।
क्या हैं खतरे
ऐसे में न केवल दिल का दौरा पड़ने के बल्कि मस्तिष्क और शरीर के अन्य अंगों में स्ट्रोक पड़ने का खतरा अधिक होता है।
पारस अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर तपन घोष कहते हैं व्यायाम करने की आदत और खान-पान को लेकर बरती जाने वाली सावधानी कम हो जाती है। ये सभी कारण मिलकर सर्दियों में हमारे दिल को काफी संवेदनशील बना देते हैं।
सर्दियों की सुबह रक्तचाप बहुत तेजी से बढ़ता है। इस दौरान दिल की धड़कन और नब्ज भी बहुत तेजी से बढ़ता है। जिससे युवाओं को भी हृदय अटैक हो रहे हैं।
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट के चेयरमैन डॉ. अशोक सेठ कहते हैं दूसरे किसी मौसम की तुलना में सर्दी में दिल को शरीर गर्म रखने के लिए करीब-करीब दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है।
इससे आर्टरीज कस जाती हैं और दिल को मिलने वाली ऑक्सीजन की मात्रा भी कम हो जाती है। ये सारे कारण एकसाथ मिल कर दिल के दौरे की वजह बन जाते हैं।
ये है बचाव के उपाय
-ठंड से बचाव के लिए पूरे कपड़े पहने
-कम से कम आधे घंटे से एक घंटा धूप में बैठे ताकि शरीर को पूरा धूप लगे
-20-30 मिनट वर्जिश करें
-डायबिटीज मोटापा, धूमपान, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के उपाय करें
-ओमेगा थ्री युक्त भोजन जैसे मछली, सी फूड, अखरोट, अंडे, दही, जूस डॉक्टर की सलाह से भोजन में शामिल करें
-गर्म कॉफी और चाय की जगह ग्रीन टी और रूम टेंपरेचर पर पानी पीएं