वर्ष 1997 के उपहार अग्निकांड में दोषी पाए गए सुशील अंसल ने अपने पासपोर्ट बनवाने में सजा का जिक्र नहीं किया था इसके बाद उसे पासपोर्ट जारी कर दिया गया था। इसे देखते हुए कोर्ट ने 17 दिसंबर को सुशील अंसल सहित उनके पासपोर्ट बनवाने में मदद करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने को कहा था।
दिल्ली पुलिस ने 13 मार्च को भी कोर्ट से कहा था कि उसने सुशील अंसल व अन्य तत्कालीन पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। एक पुलिसकर्मी से पूछताछ भी की गयी है। इससे पहले पुलिस ने 6 फरवरी को कोर्ट को बताया था कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले में अंसल के अलावा तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उनमें से दो वर्ष 2014 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस मामले में पुलिसवालों पर आरोप है कि उन्होंने सुशील अंसल के खिलाफ आपराधिक मामले की जानकारी होने के बावजूद अपनी सत्यापन रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं किया था। इस वजह से सुशील अंशल को पासपोर्ट जारी कर दिया गया था। यह पासपोर्ट तत्काल योजना के तहत वर्ष 2013 में बनवाया गया था।