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दिल्ली-एनसीआर में घटी घरों की कीमत, गुरुग्राम में सात तो नोएडा में चार फीसदी सस्ते हुए

Thu, 12 Mar 2020 06:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर
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दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र -एनसीआर- में पिछले पांच वर्षों के दौरान ग्राहकों की तरफ से मांग में कमी, बिल्डरों की तरफ से परियोजना को पूरा करने में हो रही अतिशय देरी और कुछ बड़े डेवलपरों के दिवालिया होने की वजह से यहां कीमतों में कमी होने लगी है।

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रियलिटी पोर्टल प्रॉपटाइगर की एक रिपोर्ट के मुताबिक लंबे समय तक मांग में गिरावट की वजह से नोएडा और गुरूग्राम में मकानों की कीमतों में गिरावट आई है। ऐसी बात नहीं है कि सब जगह मकानों की कीमतों में कमी आई है। इस दौरान हैदराबाद में सालाना -सीएजीआर- सात फीसदी की दर से कीमतें बढ़ी हैं जबकि मुंबई में 2.8 फीसदी और बेंगलुरू में 2.1 फीसदी की दर से कीमतें बढ़ी हैं।

प्रॉपटाइगर के ग्रुप सीईओ ध्रुव अगरवाल का कहना है कि भारत के रियल एस्टेट बाजार में चल रही मांग में कमी के कारण कीमतें घट रही हैं। इसके परिणामस्वरूप अधिकांश बाजार में मकानों की कीमतें या तो बढ़ नहीं रही हैं या फिर मामूली बढ़ रही हैं। हां, अपवाद के रूप में हैदराबाद का नाम सामने आता है जहां मांग पिछले पांच साल में बरकरार रही है। 
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रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश के नोएडा में मकानों की कीमत चार फीसदी की गिरावट के साथ 3922 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया है। गुरूग्राम में कीमतों में गिरावट ज्यादा है। वहां मकानों की कीमतें सात फीसदी की गिरावट के साथ 5236 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया है। हालांकि, हैदराबाद में अपार्टमेंट के औसत मूल्य में 40 फीसदी की वृद्धि देखी गई है। वहां प्रति वर्ग फुट के लिए 5318 की कीमत हो गई है।

मुंबई में, औसत मूल्य 15 फीसदी बढ़ कर 9446 रुपये पर चला गया है जबकि बेंगलुरू में औसत अपार्टमेंट का मूल्य 11 फीसदी बढ़कर 5194 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गया है। अहमदाबाद, चेन्नई, कोलकाता और पुणे में भी आवास की कीमतें बढ़ गईं है। 

एनसीआर में 77000 करोड़ रुपये के अनबिके मकान
प्रॉपटाइगर के पिछले महीने आई रिपोर्ट के मुताबिक इस समय दिल्ली एनसीआर में करीब 77000 करोड़ रुपये के अनबिके मकानों की इंवेंट्री है। यही अनबिके मकान न तो मकानों की कीमतें बढ़ने दे रहा है और न ही किसी बड़ी परियोजना को लांच करने दे रहा है। रियल एस्टेट डेवलपरों का कहना है कि यह किसी बड़ी मंदी की ओर का इशारा भी हो सकता है। इसमें बताया गया है कि नोएडा और गुरूग्राम के बाजार में वर्ष 2019 के अंत तक एक लाख से भी अधिक मकानों का अनबिका स्टॉक था। 

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