एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद हर कोई सस्ते एवं महंगे के फेर में उलझा हुआ है। ग्राहक से लेकर कारोबारी तय नहीं कर पा रहे हैं किन वस्तुओं के दाम बढ़े है। एक तरफ बाजार रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है, दूसरी तरफ कारोबारी सीए की मदद से जीएसटी का अर्थशास्त्र को बखूबी समझने में जुटे गए हैं।
इन सब के बीच होटल एवं गेस्ट हाउस में ठहरना लोगों के लिए फायदेमंद हो गया है। जहां पहले 19 प्रतिशत टैक्स चुकाया जा रहा था। अब बिल के आधार पर 12 से 28 प्रतिशत जीएसटी वसूला जाएगा।
गेस्ट हाउस संचालक का कहना है कि अगर देखा जाए जीएसटी की नई बिलिंग प्रक्रिया से कम बिल वाले ग्राहकों को फायदा होता नजर आ रहा है। पहले 19 प्रतिशत में 10 प्रतिशत लग्जरी एवं 9 प्रतिशत सेवा कर देना पड़ता था।
जिसे घटाकर अब न्यूनतम 12 प्रतिशत कर दिया है। इसके लिए होटल एवं गेस्ट हाउस संचालक रिसेप्शन पर जीसएटी के बोर्ड लगाकर लोगों को जागरूक की रहे हैं।
इस तरह से है प्रक्रिया :
होटल में 2500 रुपये का बिल बनने पर 12 प्रतिशत जीएसटी, 2500 रुपये से अधिक होने पर 18 प्रतिशत जीएसटी, 7500 रुपये से अधिक होने पर 28 प्रतिशत जीएसटी वसूला जाएगा। देखा जाए तो कम बिलिंग पर सर्विस टैक्स सिर्फ 2 प्रतिशत नजर आता है।
एक जुलाई को जीएसटी लागू होने के साथ बिलिंग प्रक्रिया को बदल दिया है। अब सिर्फ एक टैक्स लिया जा रहा है। रिसेप्शन पर भी लोगों को इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा रही है। यात्रियों का ठहरना देखा जाए तो सस्ता हुआ है। -पृथ्वी सिंह, प्रबंधक
पहले 19 प्रतिशत टैक्स लिया जाता था। अब सिर्फ 12 प्रतिशत लिया जा रहा है। इससे उन ग्राहकों को सबसे ज्यादा फायदा हो रहा है जिनका बिल ढ़ाई हजार से कम आता है। -राजेंद्र कुमार, गेस्ट हाउस संचालक