-स्वामी दयानंद अस्पताल में बुनियादी सुविधा ठप, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
पूर्वी दिल्ली स्थित स्वामी दयानंद अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को इन दिनों गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की लिफ्ट पिछले कई महीनों से बंद पड़ी है, जिसके चलते बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को चौथी मंजिल तक सीढ़ियां चढ़ने को मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों ने कहा कि इलाज से पहले ही उन्हें शारीरिक तकलीफ झेलनी पड़ रही है। बुजुर्ग मरीज राजेंद्र प्रसाद (85) ने बताया कि घुटनों में तेज दर्द रहता है। डॉक्टर चौथी मंजिल पर बैठते हैं। हर बार सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूल जाती है, लेकिन मजबूरी में जाना पड़ता है। उम्र के कारण उन्हें सीढ़ियां चढ़ने दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उन्हें अपने परिजनों के सहारे व्हील चेयर के माध्यम से ऊपर चढ़ना पड़ता है।
वहीं जांच के लिए आई गर्भवती महिला ने कहा कि डॉ को दिखाने के लिए ऊपर जाना पड़ता है। सीढ़ियां चढ़ते समय चक्कर आने लगते हैं। लिफ्ट बंद होने की वजह से डर लगता है, लेकिन इलाज के लिए ऊपर जाना ही पड़ता है। परिजनों का कहना है कि कई मरीज ऐसे हैं जिन्हें व्हीलचेयर या स्ट्रेचर की जरूरत होती है, लेकिन लिफ्ट बंद होने के कारण उन्हें सहारे से सीढ़ियों के जरिए ऊपर ले जाना पड़ता है। इससे न सिर्फ मरीज की हालत बिगड़ने का खतरा रहता है, बल्कि किसी बड़े हादसे की आशंका भी बनी रहती है। अस्पताल के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लिफ्ट खराब होने की जानकारी उच्च अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक मरम्मत का काम शुरू नहीं हो सका है। मरीजों ने कहा कि सरकारी अस्पतालों का मकसद आम लोगों को राहत देना है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी से मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।