नोएडा की एक सोसाइटी में कूड़ा उठाने वाला किसी भी फ्लैट के दरवाजे और घंटी के बटन पर हाथ नहीं लगाएंगे। बल्कि भोंपू बजाकर कूड़ा मांगेंगे। जल्द ही बिल्डर की तरफ से कूड़ा उठाने वालों को भोंपू (हॉर्न) उपलब्ध कराए जाएंगे। कोरोना वायरस से बचाव को ध्यान में रखकर यह व्यवस्था की जा रही है। हालांकि, कूड़े वाला आवाज भी लगा सकता है। लेकिन, निवासियों का कहना है कि ज्यादातर समय आवाज नहीं सुन पाने के कारण कूड़ा रखा रहा जाता है।
कोरोना को ध्यान में रखकर ग्रेटर नोएडा और अन्य सोसाइटियों में तरह-तरह के इंतजाम और बदलाव हो रहे हैं। कहीं टावरों में वेंडर्स के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है तो कहीं सैनिटाइज के बाद ही घरेलू सहायिकाओं और अन्य कर्मचारियों को प्रवेश दिया जा रहा है। अब निराला एस्टेट सोसाइटी ने कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों के फ्लैट के दरवाजों और घंटी के बटन को छूने पर रोक लगा दी है।
निवासियों की मांग पर बिल्डर ने ऐसा किया है। बिल्डर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों को भोंपू देगा। फ्लैट के गेट के पास जाकर कर्मचारी भोंपू को बजाकर कूड़ा मांगेंगे। वहीं, सोसाइटी में इंडोर गेम्स भी बंद कर दिए गए हैं। पहले क्लब हाउस में बुजुर्ग ताश खेलते थे, लेकिन अब सेंट्रल पार्क में बैठकर ताश खेल रहे हैं। सोसाइटी की क्रिकेट टीम ने भी मैच खेलना बंद कर दिया है।