जनता की मदद करने वाले पुलिस अफसरों को नया नाम ‘सिंघम’ मिला है, लेकिन चिरंजीव विहार के गुलमोहर टावर में तैनात सिक्योरिटी गार्ड ने विनोद असली ‘सिंघम’ का रोल अदा किया है।
विनोद ने कॉलोनी की सुमन सिरोही को उनका लाखों रुपये के जेवरात आैर नगदी से भ्ारा बैग लौटा दिया। गार्ड की ईमानदारी पर स्थानीय आरडब्ल्यूए और उसकी सिक्योरिटी एजेंसी ने उसे सम्मानित किया है। गार्ड की ईमानदारी का यह वाकया इलाके में चर्चा बना हुआ है।
चिरंजीव विहार में गुलमोहर टावर में सुमन सिरोही अपने परिवार के साथ रहती है। बुधवार दोपहर सुमन ने अपने घर पर कुछ कपड़े धूप में सुखाने के लिए डाले थे।
कपडे़ वह अपनी मंजिल से नीचे की ओर लटका रहीं थी। इसी दौरान एक कंबल को उन्होंने छज्जे पर डाला। कंबल सुखाने के दौरान उसके बीच दबा एक बैग नीचे गिर गया आैर उन्हें इसका पता ही नहीं चला।
थोड़ी देर बाद टावर में तैनात सिक्योरिटी गार्ड विनोद ने जब वह बैग खोलकर देखा तो उसमें कई लाख जेवर आैर नगदी भरी थे। एसवीपी ग्रुप के प्रशासनिक अधिकारी संजीव शर्मा के अनुसार थैले में 3.21 लाख रुपये की नगदी के अलावा कई लाख के कीमती गहने थे।
विनोद ने तुरंत इसकी जानकारी अपने सुपरवाइजर को दी। सुपरवाइजर द्वारा कंपनी अधिकारियों को जानकारी मिली। टावर में नोटिस लगाया गया, तब महिला ने अपने गहनों की पहचान की।
गार्ड की ईमानदारी को देखते हुए कंपनी ने 2100 रुपये और आरडब्ल्यूए ने 1100 रुपये देकर सम्मानित किया है। सुमन सिरोही ने कहा कि आजकल ऐसी ईमानदारी कम ही देखने को मिलती है।