पटियाला हाउस कोर्ट ने विशेष लोक अभियोजक नियुक्ति होने के लिए सिफारिश पत्र पर गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कथित जाली हस्ताक्षर करने वाले वकील की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वकील को कोई भी राहत देने से इंकार कर दिया।
महानगर दंडाधिकारी अश्वनी पंवार ने आरोपी वकील राकेश कुमार अवस्थी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपी 1991 से वकालत कर रहा है और फर्जी हस्ताक्षर करने का जो आरोप है, वह बेहद गंभीर है।
कोर्ट ने कहा कि वकील ने अपने निजी स्वार्थ के लिए सिफारिश पत्र पर जाली हस्ताक्षर किए, ताकि वह विशेष अभियोजक के पद पर नियुक्त हो सके। कोर्ट ने कहा कि लम्बे समय से वकालत करने वाले वकील से ऐसी उम्मीद किसी भी हाल में नहीं की जा सकती। आरोपी के प्रति किसी भी प्रकार का दया नहीं दिखाई जा सकती। इसलिए जमानत याचिका खारिज की जाती है।
वहीं आरोपी वकील ने दलील दी कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने किसी के जाली हस्ताक्षर नहीं किए हैं। उन्होंने दावा कि विशेष लोक अभियोजक नियुक्ति होने के लिए उन्होंने कोई फर्जीवाड़ा नहीं किया।