होली का त्योहार मनाने के लिए सबने अपने तरीके से तैयारी शुरू कर दी हैं। शहर में हर प्रांत से आए लोग अपने-अपने अंदाज में होली के त्योहार मनाएंगे। घरों में तरह-तरह के व्यंजन बनाएं जा रहे हैं।
इस बार पंजाबी समाज की होली भी कुछ खास होनेजा रही है। पंजाबी गिद्दा और भांगड़ा के बीच रंगों के इस त्योहार का जश्न देखने लायक होगा। फरीदाबाद में 50 फीसदी पंजाबी समाज के लोग रहते हैं। इनका होली खेलने का तरीका पंजाब की संस्कृति से रू-ब-रू कराएगा।पंजाब में लोकनृत्य का खास महत्व है।
होली उत्सव के दौरान पंजाबी लोकनृत्य गिद्दा-भांगड़ा की खास अहमियत है। इसके साथ ही पंजाबी पकवान, पंजाबी लोकगीत और पहनावे का खास संगम इस त्योहार पर देखने को मिलता है।
त्योहार में मिठास लाएंगे पकवान
होली के त्योहार में मिठास भरने के लिए पंजाबी समुदाय के हर घर में पिन्नी यानी गूंद के लड्डू जरूर बनाएं जाते हैं। इन्हें बनाने में घर की बड़ी-बुजर्ग जैसे नानी-दादी करीब एक हफ्ते पहले जुट जाती हैं।
इसके अलावा दही भल्ले, गुंजिया, भांग की कुल्फी, पापड़, चिप्स आदि प्रमुख व्यंजन रहते हैं। होली के दिन कढ़ाई या तवे पर रोटी नहीं बनाई जाती। होलिका दहन की आंच पर महिलाएं रोटियां सेकती है और अगले दिन उन्हीं का सेवन किया जाता है।
गेंहू की बालियां देकर देते हैं शुभकामनाएं
पंजाबी समाज में होलिका दहन की आंच पर गेंहू की बालिया भूनी जाती हैं। इसके बाद एक-दूसरे को गेंहू के दाने देकर होली की शुभकामनाएं दी जाती है। बताया जाता है इस परंपरा के जरिए लोग हर घर-घर में हमेशा अन्न-धन की बरकत लगी रहने की दुआ करते हैं।