नई दिल्ली।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने होला मोहल्ला का पवित्र पर्व बृहस्पतिवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मना। मुख्य कार्यक्रम गुरुद्वारा दमदमा साहिब में हुआ, जहां गुरमत दीवान सजाए गए और बड़ी संख्या में संगत ने हाजिरी लगाई। कार्यक्रम में दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि साहिब-ए-कमाल गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ को गतका खेलकर होला मोहल्ला मनाने का आदेश दिया था। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को एक मार्शल कौम बनाना और उन्हें शस्त्र विद्या का प्रशिक्षण देना था, ताकि नौजवान समाज की रक्षा के लिए तैयार हो सकें। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के आदेशों का पालन करते हुए दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी हर वर्ष गुरुद्वारा दमदमा साहिब में होला मोहल्ला का आयोजन करती है, जिससे युवाओं को गुरसिखी जीवन शैली और अपने विरसे से जोड़ा जा सके।
नेताओं ने बताया कि युवाओं को इतिहास से जोड़ने के लिए हर साल दिल्ली फतेह दिवस का आयोजन लाल किला पर किया जाता है। इस वर्ष यह कार्यक्रम 28 और 29 मार्च को आयोजित होगा, जिसमें बाबा बघेल सिंह, बाबा जस्सा सिंह आहलूवालिया और बाबा जस्सा सिंह रामगढ़िया की वीरता और नेतृत्व से युवाओं को अवगत कराया जाएगा। कमेटी ने बताया कि 14 मार्च से बैसाखी महीने तक दिल्ली के विभिन्न गुरुद्वारों में गुरमत समागम और अमृत संचार कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।